शिरडी, 24 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इथेनॉल मिश्रित ईंधन से कथित तौर पर गाड़ियों में आ रही खराबी की शिकायतों को लेकर सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि इथेनॉल के उत्पादन को बढ़ावा देने का फैसला किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए किया गया था, लेकिन यदि इससे वास्तव में वाहनों को नुकसान पहुंच रहा है तो इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर इथेनॉल पर पाबंदी लगाने के बारे में भी विचार किया जाना चाहिए।
रामदास अठावले ने कहा कि इथेनॉल को लेकर पहले भी चर्चा हुई थी कि किसानों को चीनी के मुकाबले इथेनॉल से अधिक आर्थिक लाभ मिल सकता है। इसी उद्देश्य से अध्ययन के बाद सरकार ने इथेनॉल के उत्पादन को बढ़ावा देने को मंजूरी दी थी। अब तक सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन पिछले एक-दो महीनों में वाहनों के खराब होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसके पहले ऐसा कभी नहीं था कि इथेनॉल के कारण गाड़ी खराब हो रही है। लेकिन, अगर वाहनों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आती है तो इसका वैज्ञानिक और तकनीकी स्तर पर अध्ययन किया जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह भी जांच की जानी चाहिए कि वास्तव में किन वाहनों में खराबी आई है और उसके पीछे कारण क्या है। उन्होंने कहा कि केवल शिकायत के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पूरे मामले का अध्ययन जरूरी है। अगर जांच में यह साबित होता है कि इथेनॉल की वजह से गाड़ियों को नुकसान हो रहा है तो सरकार को इस दिशा में उचित निर्णय लेना चाहिए।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं को लेकर रामदास अठावले ने कहा कि फिलहाल उन्हें नहीं लगता कि राहुल गांधी को जल्द प्रधानमंत्री पद मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी और अठावले की जोड़ी है, तब तक राहुल गांधी के आगे आने की संभावना नहीं है। हालांकि, अठावले ने यह भी कहा कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में जनता जो फैसला करेगी, वह उन्हें स्वीकार होगा। देश में 'वन मैन, वन वोट, वन वैल्यू' का सिद्धांत है और जिस राजनीतिक दल या गठबंधन को बहुमत मिलेगा, वही सत्ता में आएगा।
अठावले ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए कार्यों के आधार पर जनता एक बार फिर एनडीए को सत्ता में लाएगी। मोदी सरकार ने देश के लिए अच्छे काम किए हैं और उन्हें उम्मीद है कि जनता 2029 में भी उन्हें समर्थन देगी।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी से सरकार पर लगातार आरोप लगाने के बजाय देश के विकास से जुड़े मुद्दों पर सरकार के साथ मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने और सुझाव देने का पूरा अधिकार है, लेकिन केवल आरोप लगाने से देश का विकास नहीं हो सकता।
अठावले ने राहुल गांधी के संसद में प्रधानमंत्री मोदी को गले लगाने की पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष और सरकार के बीच राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन देश के विकास के लिए दोनों पक्षों को संसद में चर्चा करनी चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। विपक्षी दलों को सरकार से यह कहना चाहिए कि किसी क्षेत्र में क्या सुधार किया जाना चाहिए और सरकार को भी सकारात्मक सुझावों पर विचार करना चाहिए। इस तरह सरकार और विपक्ष साथ मिलकर काम करेंगे तो देश का विकास तेजी से हो सकता है।
रामदास अठावले ने कहा कि एक-दूसरे पर लगातार आरोप लगाने से न तो समस्याओं का समाधान होता है और न ही विकास की गति तेज होती है। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि विपक्ष को साथ लेकर देश को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के उस आह्वान का भी उल्लेख किया, जिसमें सभी राजनीतिक दलों से मिलकर देश के विकास के लिए काम करने की बात कही गई है। अठावले ने राहुल गांधी से अपील करते हुए कहा कि उन्हें रोजाना सरकार पर उल्टे-सीधे आरोप लगाने के बजाय सकारात्मक मुद्दों पर सरकार का सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सरकार जहां नीतियां बनाती है, वहीं विपक्ष उन नीतियों की समीक्षा कर बेहतर सुझाव दे सकता है। ऐसे में राजनीतिक टकराव के बजाय देशहित को प्राथमिकता देना जरूरी है।
--आईएएनएस
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