नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय सेना की टेरिटोरियल आर्मी ने साइबरपीस के सहयोग से ‘टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026’ (टीसीक्यू 3.0) की शुरुआत की है। यह राष्ट्रीय स्तर की हैकाथॉन प्रतियोगिता है। इसका उद्देश्य रक्षा, साइबर सुरक्षा और सूचना क्षेत्र की उभरती चुनौतियों के लिए स्वदेशी और आधुनिक समाधान तैयार करना है।
इस प्रतियोगिता के जरिए देशभर के शिक्षण संस्थानों, उद्योग, अनुसंधान संस्थानों, सरकारी संगठनों और सशस्त्र बलों की तकनीकी प्रतिभाओं को एक मंच पर लाया जाएगा। प्रतियोगिता में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, साइबर खतरों से बचाव और डिजिटल जागरूकता जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
यहां तीन प्रमुख चुनौतियों में मुकाबला होगा। इनमें बग हंटिंग, एआई कवच व क्रिएटर्स चैलेंज शामिल हैं। बग हंटिंग प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी कमजोरियों की पहचान करनी होगी। इसकी शुरुआत ऑनलाइन ‘कैप्चर-द-फ्लैग’ मुकाबले से होगी। अंतिम चरण में वास्तविक प्रतिभागिता वाली प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
वहीं, एआई कवच में एआई और मशीन लर्निंग की मदद से खतरों की पहले से पहचान करने की चुनौती होगी। इसके अलावा स्वचालित रक्षा प्रणाली और असामान्य गतिविधियों का पता लगाने वाले समाधान विकसित करने होंगे। क्रिएटर्स चैलेंज की बात करें तो यहां सामग्री निर्माताओं, संचार विशेषज्ञों और प्रभावशाली लोगों को डीपफेक, फिशिंग, ऑनलाइन ठगी और दुष्प्रचार जैसे साइबर खतरों के प्रति जागरूकता फैलाने वाली प्रभावी डिजिटल मुहिम तैयार करनी होगी।
भारतीय सेना के मुताबिक, ‘टेरियर साइबर क्वेस्ट 2026’ प्रतियोगिता के लिए 31 अगस्त तक पंजीकरण किया जा सकता है। ऑनलाइन शॉर्ट लिस्टिंग का चरण 1 से 10 सितंबर तक होगा। इसके बाद 6 से 8 अक्टूबर तक नई दिल्ली में भव्य अंतिम मुकाबला यानी ग्रैंड फिनाले होगा, जबकि 9 अक्टूबर को पुरस्कार समारोह आयोजित किया जाएगा।
भारतीय सेना का यह प्रयास देश की युवा तकनीकी प्रतिभाओं को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों के समाधान के लिए जोड़ने और स्वदेशी साइबर क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
--आईएएनएस
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