नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल बाढ़ त्रासदी को लेकर देशभर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राजनीतिक दलों ने इस त्रासदी पर दुख जताते हुए पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और सरकार से राहत कार्यों में तेजी लाने की अपील की है।
तेलंगाना के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "नेपाल में बाढ़ की स्थिति अब काबू में है। हालांकि, इसमें काफी जान-माल का नुकसान हुआ है और पूरी दुनिया बाढ़ की तबाही में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जता रही है। खबर है कि लगभग 300 भारतीय लापता हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। हम बस यही उम्मीद करते हैं कि वे सभी सुरक्षित हों। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय उन भारतीयों से संपर्क करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।"
तमिलनाडु सरकार ने भी नेपाल में फंसे लोगों को लेकर सक्रियता दिखाई है। चेन्नई में तमिलनाडु सरकार के मंत्री के.जी. अरुणराज ने कहा, "मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों की सीधे निगरानी के लिए चार मंत्रियों को तैनात किया है। हमें भरोसा है कि हम बाढ़ में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकालने की पूरी कोशिश करेंगे।"
डीएमके ने भी इस मामले में केंद्र सरकार की भूमिका पर जोर दिया। पार्टी के प्रवक्ता टी.के.एस. एलंगोवन ने कहा, "हमारी पार्टी के सांसद दयानिधि मारन ने पहले ही विदेश मंत्री को पत्र लिखकर सरकार से बाकी लोगों का पता लगाने और जरूरी कदम उठाने का आग्रह किया था। नेपाल एक अलग देश है और भारत का हिस्सा नहीं है, इसलिए विदेश मंत्रालय को दखल देना होगा और कुछ करना होगा। हमारे सांसद दयानिधि मारन ने मंत्री को यही लिखा था और यह एक अच्छी बात है।"
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने नेपाल त्रासदी पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, "नेपाल की घटना बहुत दुखद है। समाजवादी पार्टी इस घटना पर गहरा दुख जताती है और उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। ऐसे आरोप भी हैं कि चीन ने नेपाल को इसके बारे में जानकारी नहीं दी, जो एक गंभीर मामला है। जहां इतनी बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और 30 से ज्यादा देशों के नागरिक लापता हैं।"
--आईएएनएस
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