नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की 7.8 प्रतिशत जीडीपी ग्रोथ को भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सफलता बताया है। साथ ही, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी पर तीखा पलटवार भी किया है।
लखनऊ में बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, "भारत 7.8 प्रतिशत की ग्रोथ रेट के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन रहा है। जाहिर है, यह दुनिया के लिए एक कामयाबी की कहानी है। जहां चीन, जापान और अमेरिका की ग्रोथ रेट लगभग 3 प्रतिशत से 5 प्रतिशत के बीच है, वहीं आज भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट इन सबसे ज्यादा है और यह सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी विकासशील अर्थव्यवस्था है।"
यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद ने कहा, "अगर मोदी हैं, तो यह मुमकिन है। देश के नागरिकों को इस बात की तारीफ करनी चाहिए कि 70 सालों में पहली बार देश को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है, जिसने डूबती हुई अर्थव्यवस्था को पूरी रफ्तार से विकास की राह पर वापस ला खड़ा किया है। एक तरह से, देश को राजनीतिक आजादी तो बहुत पहले मिल गई थी, लेकिन आज हमने आर्थिक आजादी हासिल की है। जो देश हमारे 20 साल बाद आजाद हुए, उन्होंने हमसे कहीं ज्यादा तेजी से तरक्की की, जबकि हम पीछे रह गए थे। आज हर किसी को कम से कम प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा करना चाहिए।"
वहीं, पटना में बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, "आज पूरी दुनिया में भारत के आर्थिक व्यवस्था की चर्चा हो रही है और जिस तरह से हमारा इकोनॉमिक ग्रोथ हुआ है, 140 करोड़ लोगों का देश आज खुशहाल है। सबके पास खाने के लिए कम से कम रोटी तो है। कोई भूखा नहीं मर रहा है। कोरोना काल से आज तक जो भी ऐसे लोग थे, आज 80 करोड़ लोगों को सरकार अनाज भी दे रही है।"
उन्होंने कहा, "भारत के आर्थिक उन्नति पर ही सबकी नजर है। अमेरिका, चीन और ऐसे विकसित देश नहीं चाहते हैं कि भारत आगे बढ़े। इसलिए इन लोगों ने वही अंग्रेज की पॉलिसी अभी शुरू की है।"
बिहार सरकार में मंत्री अशोक कुमार चौधरी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ के 7.8 प्रतिशत तक पहुंचने पर कहा, "यह अच्छी बात है। ग्रोथ रेट बढ़ाने की कोशिशें की जा रही हैं ताकि देश 2047 तक 'अमृत काल' में प्रवेश कर सके। जीडीपी ग्रोथ रेट में बढ़ोतरी का मतलब है कि हमारी अर्थव्यवस्था स्थिर हो रही है। हम अभी भी मध्य पूर्व के संकट से जूझ रहे हैं। अगर ऐसी स्थिति में भी हमारी ग्रोथ रेट बढ़ रही है, तो इसका मतलब है कि हमारी अर्थव्यवस्था सक्षम और मजबूत हाथों में है।"
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा भारत को "मृत अर्थव्यवस्था" बताए जाने को लेकर उन्होंने कहा, "राहुल गांधी क्या कह रहे हैं, इससे हमें क्या फर्क पड़ता है? राहुल गांधी अर्थशास्त्री नहीं हैं। केमिस्ट्री के प्रोफेसर केमिस्ट्री के बारे में ही फॉर्मूला देंगे। अब, अगर हर राजनेता अर्थशास्त्र पर बात करेगा, तो क्या हम अर्थशास्त्रियों की बात को नजरअंदाज कर देंगे? राहुल गांधी देश के हित वाली कोई भी बात स्वीकार नहीं करेंगे। वे तो यही चाहेंगे कि जब वे देश के प्रधानमंत्री बनें, तभी जो कुछ भी किया जाए, उसे अच्छा माना जाए।"
बिहार सरकार में मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने कहा, "इस परिस्थिति में भी, यदि भारतवर्ष का ये ग्रोथ रेट ये है, तो हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहते हैं कि इस परिस्थिति में भी ये ग्रोथ रेट है, ये अपने आप में एक प्रशंसनीय कार्य है। हम लोगों के लिए गौरव का क्षण है।"
भाजपा नेता टी.आर. श्रीनिवास ने कहा, "राहुल गांधी, आपने कल आए जीडीपी के आंकड़े देखे होंगे। ग्रोथ रेट 7.8 प्रतिशत है और निर्मला सीतारमण ने साफ तौर पर कहा है कि विपक्ष के नेता के बयान से हमें बहुत निराशा हुई है। राहुल गांधी कुछ भी बोलने से पहले इकोनॉमी की क्लास लेना शुरू कर दीजिए, क्योंकि जिस तरह से हमारी इकोनॉमी बढ़ रही है और जिस तरह से पश्चिमी देशों की इकोनॉमी बढ़ रही है, हम अब नंबर वन पर हैं।"
--आईएएनएस
पीआईएम/पीएम







