Indian Coast Guard : भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुआ 'समुद्र प्रताप', पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक

आईसीजीएस 'समुद्र प्रताप' से समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में मजबूती।
भारतीय तटरक्षक बल में शामिल हुआ 'समुद्र प्रताप', पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक

नई दिल्ली: भारत की समुद्री सुरक्षा को और मजबूत करते हुए भारतीय तटरक्षक बल को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। देश का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन किया गया प्रदूषण नियंत्रण पोत आईसीजीएस 'समुद्र प्रताप' आधिकारिक रूप से भारतीय तटरक्षक बल में शामिल कर लिया गया। इस मौके को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के लिए खास और ऐतिहासिक बताया।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "इंडियन कोस्ट गार्ड शिप (आईसीजीएस) समुद्र प्रताप का कमीशन होना कई वजहों से खास है, जिसमें यह बात भी शामिल है कि यह आत्मनिर्भरता के हमारे विजन को मजबूती देता है, हमारे सुरक्षा सिस्टम को बढ़ावा देता है और सतत विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है।"

पीएम मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के 'एक्स' पोस्ट को शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस बात की जानकारी दी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कमीशनिंग समारोह में शामिल होकर इसे भारत की रक्षा औद्योगिक क्षमता की बड़ी सफलता बताया था। उन्होंने 5 जनवरी को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा था, "गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा बनाए गए भारत के पहले स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए प्रदूषण नियंत्रण पोत, भारतीय तटरक्षक जहाज समुद्र प्रताप के कमीशनिंग समारोह में शामिल हुआ। आईसीजीएस समुद्र प्रताप भारत के परिपक्व रक्षा औद्योगिक इकोसिस्टम का प्रतीक है। यह आज की समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए जीएसएल के आधुनिक दृष्टिकोण का नतीजा है।"

राजनाथ सिंह ने एक्स पोस्ट में आगे लिखा था, "आईसीजी की बहुआयामी भूमिका ने हमारे दुश्मनों को एक साफ संदेश दिया है कि किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ और उचित जवाब दिया जाएगा। भारत एक जिम्मेदार समुद्री शक्ति है, जो पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करता है।"

आईसीजीएस समुद्र प्रताप का शामिल होना इसी दिशा में भारत का एक और मजबूत कदम माना जा रहा है।

समुद्र प्रताप के शामिल होने से प्रदूषण नियंत्रण, आग बुझाने, समुद्री सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में इंडियन कोस्ट गार्ड की परिचालन क्षमता में काफी वृद्धि होगी। यह भारत के विशाल समुद्री क्षेत्रों में विस्तारित निगरानी और प्रतिक्रिया मिशन चलाने की इसकी क्षमता को भी मजबूत करेगा।

--आईएएनएस

 

 

 

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