Imran Masood Statement : बीकेटीसी के फैसले पर इमरान मसूद का आरोप, 'नफरत का एजेंडा चला रहे हैं'

बद्रीनाथ-केदारनाथ प्रवेश विवाद पर इमरान मसूद का हमला, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
बीकेटीसी के फैसले पर इमरान मसूद का आरोप, 'नफरत का एजेंडा चला रहे हैं'

सहारनपुर: बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर बीकेटीसी द्वारा लगाए गए प्रतिबंध की घोषणा पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि ये सिर्फ नफरत का एजेंडा चला रहे हैं।

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि पहले भी कोई वहां नहीं जाता था। मुसलमान पहले भी गंगोत्री धाम नहीं जाते थे। यह हिंदुओं का पवित्र और धार्मिक स्थल है, और सिर्फ वही लोग वहां जाते हैं। ये लोग नफरत का एजेंडा चला रहे हैं। अब तो स्थिति यह हो गई है कि पहले साबित करो कि आप हिंदू हो, तभी जा सकते हो। शंकराचार्य को साबित करना पड़ेगा कि वे शंकराचार्य हैं। वोटर को साबित करना पड़ेगा कि वे वोटर हैं। सब कुछ तमाशा बनाकर रख दिया है।

उन्होंने कहा कि देश में रोजगार और अर्थव्यवस्था पर बात नहीं हो रही है, अब तो हद हो गई। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में वर्षों पुरानी मंदिर-मस्जिद-दरगाह तोड़ी गईं। शंकराचार्य बता रहे हैं कि 150 मंदिर तोड़ दिए गए।

यूजीसी के नए नियम को लेकर कांग्रेस सांसद ने कहा कि अब ये लोग जातियों के आधार पर झगड़े भड़काएंगे। इनकी राजनीति ही झगड़ों पर चलती है। एससी-एसटी एक्ट के प्रावधान कांग्रेस ने ही लाए थे, लेकिन ये लोग सिर्फ नफरत फैलाते हैं। कितने वाइस चांसलर एससी हैं? कितने दलित चांसलर हैं?

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान से नाराज बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे पर इमरान मसूद ने कहा कि शंकराचार्य का अपमान हुआ है। इसमें कोई दो राय नहीं है।

बता दें कि बरेली सिटी मजिस्ट्रेट ने अपना इस्तीफा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को सौंपा है, जिसमें कहा गया कि उनका फैसला किसी व्यक्तिगत या पेशेवर कारणों के बजाय आत्म-सम्मान, अंतरात्मा और समाज के प्रति जवाबदेही के मुद्दों पर आधारित है। पत्र में उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का भी जिक्र किया है।

--आईएएनएस

 

 

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