कोलकाता, 31 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय रेलवे के प्रतिष्ठित स्टेशनों की समृद्ध विरासत, ऐतिहासिक महत्व और गौरवशाली इतिहास को सम्मान देने के लिए रेलवे मंत्रालय के निर्देश पर सोमवार को देश के प्रसिद्ध हावड़ा रेलवे स्टेशन पर विशेष ‘स्टेशन महोत्सव’ आयोजित किया गया।
हावड़ा स्टेशन भारतीय रेलवे के सबसे ऐतिहासिक स्टेशनों में से एक माना जाता है। 15 अगस्त 1854 को जब जोशुआ ग्रीनबो ने हावड़ा से हुगली तक पूर्वी भारत की पहली ट्रेन चलाई थी, तब यहां सिर्फ एक अस्थायी टीन शेड, छोटा बुकिंग कार्यालय और संकरे प्लेटफॉर्म के साथ एक रेलवे लाइन थी।
आज हावड़ा स्टेशन 24 प्लेटफॉर्म वाला विशाल रेलवे केंद्र बन चुका है। यहां से प्रतिदिन करीब 252 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें तथा 500 ईएमयू ट्रेनें संचालित होती हैं। स्टेशन पर रोजाना 10 लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही होती है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी इस स्टेशन की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी, क्योंकि इसके माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों को विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचने में मदद मिली थी।
हावड़ा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) विशाल कपूर ने स्टेशन महोत्सव का नेतृत्व किया। इस अवसर पर यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों और आम लोगों के लिए कई सांस्कृतिक और विरासत आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रमों का आयोजन स्टेशन के पुराने परिसर में स्थित प्रसिद्ध ‘बड़ो घड़ी’ (बड़ी घड़ी) के नीचे किया गया। यह घड़ी स्टेशन की पहचान मानी जाती है और इस वर्ष इसके 100 वर्ष पूरे हो गए हैं।
अपने संबोधन में विशाल कपूर ने हावड़ा स्टेशन के गौरवशाली इतिहास, भारतीय रेलवे के विकास में इसकी भूमिका और रेलवे विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हावड़ा स्टेशन ने क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी अहम योगदान दिया है।
महोत्सव के दौरान नुक्कड़ नाटक, रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और नृत्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के सदस्यों ने ऐतिहासिक परिसर में फ्लैग मार्च भी निकाला।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण स्टेशन महोत्सव को समर्पित हीलियम गुब्बारों का विमोचन रहा। यह हावड़ा मंडल की निरंतर प्रगति, आकांक्षाओं और विकास यात्रा का प्रतीक रहा, साथ ही इसकी ऐतिहासिक विरासत से जुड़े गहरे संबंध को भी दर्शाता है।
इस अवसर पर एक विशेष हेरिटेज गैलरी का भी उद्घाटन किया गया। इसमें हावड़ा स्टेशन और हावड़ा मंडल की ऐतिहासिक यात्रा को प्रदर्शित किया गया है। गैलरी में दुर्लभ तस्वीरें, ऐतिहासिक दस्तावेज, प्रदर्श सामग्री और मॉडल ट्रेनें रखी गई हैं, जो भारतीय रेलवे के विकास और हावड़ा स्टेशन के बदलाव की कहानी को दर्शाती हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह हेरिटेज गैलरी अगले तीन दिनों तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। इससे यात्रियों, रेलवे प्रेमियों और आगंतुकों को हावड़ा स्टेशन की समृद्ध विरासत को करीब से जानने और समझने का अवसर मिलेगा।
--आईएएनएस
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