हैदराबाद, 9 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से देशभर में सुलभ, जन-केंद्रित और गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाओं को मजबूत करने का आह्वान किया है।
केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने बुधवार को कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से देश भर में सुलभ, जन-केंद्रित और गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाओं की उपलब्धता को मजबूत करने का आह्वान किया। वे मंगलवार को हैदराबाद के कान्हा शांति वनम में नीति आयोग द्वारा आयोजित 'राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयुष इको सिस्टम को मजबूत करना' विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला में बोल रहे थे।
इस कार्यशाला में केंद्र सरकार, 30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न संगठनों के विशेषज्ञों ने भाग लिया ताकि साझा अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं और सहयोगात्मक कार्रवाई के माध्यम से आयुष पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया जा सके।
मंत्री जाधव ने आयुष प्रणालियों की पहुंच और प्रभाव को बढ़ाने के लिए केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने जनसंख्या की बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आयुष स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, सुलभता और जन-केंद्रित वितरण पर अधिक ध्यान देने का आह्वान किया।
प्रोफेसर (डॉ.) एम श्रीनिवास ने एकीकृत स्वास्थ्य सेवा के लिए प्रौद्योगिकी-एकीकृत और साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोणों के महत्व के बारे में विस्तार से बताया, जिनमें भारत और उससे बाहर स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करने की क्षमता है।
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने आयुष इकोसिस्टम को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर आयुष सेवाओं के प्रभावी कार्यान्वयन और वितरण को सुनिश्चित करने में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया।
इस कार्यशाला ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आयुष स्वास्थ्य सेवा वितरण, शिक्षा, अनुसंधान, क्षमता निर्माण और व्यापक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली के साथ एकीकरण सहित प्रमुख क्षेत्रों में अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं और नवीन दृष्टिकोणों को साझा करने के लिए एक मंच प्रदान किया।
विचार-विमर्श में एक मजबूत, सुलभ और जन-केंद्रित आयुष प्रणाली के निर्माण और सभी के लिए समग्र और एकीकृत स्वास्थ्य सेवा के सरकार के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में केंद्र-राज्य सहयोग के महत्व की भी पुष्टि की गई।
इसके साथ ही आयुष मंत्रालय के अधीन जामनगर स्थित राष्ट्रीय महत्व के संस्थान आयुर्वेद शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (आईटीआरए) ने हैदराबाद के कान्हा शांति वनम स्थित हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट (एचएफआई) के साथ पांच साल के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह समझौता ज्ञापन आयुर्वेद शिक्षा, नैदानिक अभ्यास और अनुसंधान में आईटीआरए और ध्यान, योग, जीवनशैली संबंधी प्रथाओं और पर्यावरण संबंधी पहलों में एचएफआई की पूरक शक्तियों का लाभ उठाने के लिए एक ढांचा प्रदान करता है। इस साझेदारी का उद्देश्य एकीकृत दृष्टिकोण के साथ निवारक और समग्र स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देना है।
इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर आईटीआरए की निदेशक प्रो. तनुजा नेसारी और हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के कुमार कन्नन ने अगस्त 2026 में किए। सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोगात्मक अनुसंधान, छात्र एवं संकाय विनिमय कार्यक्रम, शैक्षणिक कार्यक्रम, ज्ञान साझाकरण, क्षमता विकास, नवाचार और बौद्धिक संपदा विकास शामिल हैं। यह साझेदारी रोग निवारण और समग्र स्वास्थ्य से संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान और शैक्षणिक सहयोग को भी बढ़ावा देगी।
यह सहयोग आयुष मंत्रालय के साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, निवारक स्वास्थ्य देखभाल, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आयुर्वेद के वैश्विक प्रचार को आगे बढ़ाने के प्रयासों के अनुरूप है। साथ ही, यह समग्र स्वास्थ्य और सतत विकास को बढ़ावा देता है।
--आईएएनएस
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