हैदराबाद इन्वेस्टर कनेक्ट में छत्तीसगढ़ को मिले 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

हैदराबाद इन्वेस्टर कनेक्ट में छत्तीसगढ़ को मिले 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

रायपुर, 12 जून (आईएएनएस)। हैदराबाद में शुक्रवार को आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में राज्य को विभिन्न क्षेत्रों से 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों के जरिए राज्य में 7,800 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना जताई जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और नए निवेशकों को आकर्षित करना था।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सात प्रमुख कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ (ऑफर लेटर) प्रदान किए। निवेश प्रस्ताव देने वाली कंपनियां डेटा सेंटर, सीमेंट, सेमीकंडक्टर एवं जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण, वस्त्र उद्योग, फार्मास्यूटिकल तथा डेयरी प्रसंस्करण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं। राज्य सरकार का मानना है कि इन निवेशों से औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को बेहतर औद्योगिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और यहां निवेशकों के लिए ‘रेड कारपेट’ बिछा हुआ है। उन्होंने उद्योग जगत से छत्तीसगढ़ में निवेश कर विकास यात्रा का भागीदार बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन सहित दक्षिण भारत के कई बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए मंत्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि हैदराबाद में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम का लाभ राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा। साथ ही नई औद्योगिक नीति पर भी लगातार कार्य किया जा रहा है। इससे पहले भी निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, लेकिन इतनी बड़ी राशि के प्रस्ताव पहली बार मिले हैं।

वहीं, कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन विवाद पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नामांकन पत्र निर्धारित प्रारूप के अनुसार नहीं भरा गया था और उसमें आवश्यक जानकारियां, विशेष रूप से आपराधिक मामलों से संबंधित विवरण, उपलब्ध नहीं कराए गए थे। यदि जरूरी जानकारी नहीं दी जाती है तो नामांकन खारिज होना स्वाभाविक है। लोकतंत्र में पारदर्शिता और नियमों का पालन आवश्यक है तथा कानून अपने निर्धारित प्रावधानों के अनुसार ही कार्य करेगा।

--आईएएनएस

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