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हरियाणा के स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर बैन? शिक्षा मंत्री ढांडा बोले- बच्चों की सुरक्षा का जिम्मेदार कौन होगा?

हरियाणा

हंसी (हरियाणा), 22 अगस्त (आईएएनएस)। हरियाणा सरकार ने सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री को लेकर एक नया आदेश जारी किया। इसे लेकर विपक्ष कई सवाल खड़े कर रहा है। इसे लेकर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि गांव के स्कूल देश की धरोहर हैं, ऐसे में कोई भी व्यक्ति बिना गांव के जिम्मेदार लोगों को साथ लिए स्कूल में नहीं जा सकता। अगर बच्चों के साथ कोई अनहोनी हुई तो उसका जिम्मेदार कौन होगा, इसलिए राजनीति चमकाने के लिए स्कूलों में घुसने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

दरअसल, हरियाणा सरकार के नए आदेश के अनुसार, प्रिंसिपल की लिखित अनुमति के बिना कोई भी बाहरी व्यक्ति स्कूल में नहीं घुस सकता। स्टूडेंट्स, टीचर्स की फोटो-वीडियो, इंटरव्यू, ऑडियो रिकॉर्डिंग, लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक है। हर बाहरी को विजिटर रजिस्टर में एंट्री करनी होगी और बिना प्रिंसिपल/टीचर के क्लास, लैब, लाइब्रेरी, टॉयलेट, ग्राउंड में नहीं जा सकता। नियम तोड़ने पर बीएनएस, पोक्सो, जेजे एक्ट, आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई और पुलिस को सूचना देने को कहा गया है।

हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा, "गांव में एसएमसी है, गांव के ही लोग हैं, गांव के सरपंच हैं, पंचायत के चुने नुमाइंदे हैं, तो कोई भी अगर वहां पर जाए, कल कोई गड़बड़ करके आ जाए, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?अगर उन्होंने कोई निर्णय लिया होगा कोई सोच समझकर लिया होगा। गांव का स्कूल इस देश की राष्ट्रीय धरोहर है। अगर कोई भी व्यक्ति जा रहा है, तो गांव के प्राबुद्ध लोगों को लेकर जाइए। वहां पर हमने एसएमसी बनाई हुई है और देशभर में एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) है, आप एसएमसी के सदस्यों के साथ बातचीत करें। अब ऐसे तो अनुमति नहीं दे सकते हैं ना कि कोई भी चला जाए।"

सरकारी स्कूलों में मीडिया कवरेज की पाबंदी को लेकर उन्होंने कहा, "मीडिया को पता है कि उनको कितना और क्या कवरेज करना है। मीडिया की आड़ में इधर-उधर करके प्रश्न चिन्ह मत लगाइए। कोई भी व्यक्ति जाए कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन क्या वह उस गांव के जिम्मेदार लोगों के साथ है? अगर आप लोग यह अनुमति देते हैं कि कोई भी घुस जाए और हमारे बच्चों के साथ कोई अनहोनी हो जाए, तो कौन जिम्मेदार होगा? किस लिए अनुमति दी जाए, राजनीति चमकाने के लिए? मान लीजिए कोई गया, उसने एक चीज की कमी देखी, क्या उसने उस कमी को बैठ कर हल करने का प्रयास किया? मैं जब से मंत्री बना हूं, शुरू से ही किसी ना किसी स्कूल में हम जा रहे हैं बात कर रहे हैं।"

आईएनएलडी सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बारे में दिए बयान पर राज्य के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा, “पंजाब के लोग मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पसंद करते हैं और उन्हें बुला रहे हैं। चुनाव के मौसम में कोई उन पर ध्यान नहीं देता या उनकी राय नहीं पूछता, इसलिए उन्हें लगता है कि कुछ गलत हो गया है। वहां के लोग हमारे मुख्यमंत्री को ढूंढ रहे हैं। हम राष्ट्रीय दल हैं। इसके नाते हम वहां जाएंगे, ये हमारा राजनीतिक अधिकार है। उन लोगों को कोई नहीं बुलाता है, उनको कोई हरियाणा में नहीं बुला रहा है, तो वहां कौन बुलाएगा। मुझे बोलना नहीं चाहिए, लेकिन ये लोग बोलने पर मजबूर कर रहे हैं। बयानबाजी और बेतुकी बातों के अलावा कुछ बचा नहीं है।”

--आईएएनएस

केके/एमएस