पंचकूला, 2 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बुधवार को हरियाणा सरकार के 504 करोड़ रुपए के धन के गबन से जुड़े मामले में पंचकूला स्थित सीबीआई मामलों की विशेष अदालत में तीसरी चार्जशीट दाखिल की। इस चार्जशीट में 19 आरोपियों को नामजद किया गया है।
इस मामले में सरकारी धन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में जमा था।
नई चार्जशीट में हरियाणा कैडर के 6 आईएएस अधिकारियों, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के 3 अधिकारियों, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के 1 अधिकारी और राज्य सरकार के 9 अन्य अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। इन पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, सबूत नष्ट करने, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल, खातों में हेराफेरी, आपराधिक विश्वासघात, रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार जैसे आरोप लगाए गए हैं।
सीबीआई के अनुसार, जांच में पता चला कि सरकारी अधिकारियों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
साजिश के तहत राज्य सरकार के 8 विभागों के धन को विभिन्न अधिकृत बैंकों से निकालकर आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की कुछ शाखाओं में खोले गए खातों में स्थानांतरित किया गया।
इस दौरान राज्य वित्त विभाग के वित्तीय अनुशासन और धोखाधड़ी रोकने संबंधी दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया गया।
सीबीआई ने बताया कि इन खातों से धोखाधड़ी के जरिए पैसा निकालकर ऐसे तीसरे पक्षों के खातों में भेजा गया, जिनका सरकारी विभागों से कोई संबंध नहीं था।
बाद में इस रकम को कई बैंक खातों के जरिए घुमाया गया और नकदी में बदला गया। आरोप है कि इस प्रक्रिया से आरोपियों ने अवैध रूप से आर्थिक लाभ कमाया।
इस घोटाले से प्रभावित विभागों और संस्थाओं में पंचायत विभाग, पंचकूला नगर निगम, कालका नगर निगम, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद, हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड शामिल है।
सीबीआई ने यह जांच हरियाणा सरकार के अनुरोध पर राज्य के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अपने हाथ में ली थी।
इससे पहले सीबीआई इस मामले में 18 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें बैंक अधिकारी, सरकारी कर्मचारी, निजी व्यक्ति और निजी कंपनियां शामिल थीं।
बुधवार को दायर नई चार्जशीट के साथ इस मामले में चार्जशीट किए गए आरोपियों की कुल संख्या 37 हो गई है।
जांच एजेंसी अब तक 54 स्थानों पर छापेमारी कर चुकी है और मामले से जुड़े अहम सबूत बरामद किए हैं। इनमें करीब 20 करोड़ रुपये का सोना भी शामिल है।
सीबीआई अब तक इस मामले में 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
इसके अलावा, सीबीआई ने चंडीगढ़ से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच भी अपने हाथ में ली है। इनमें एक मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से और दूसरा नगर निगम चंडीगढ़ तथा चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी से संबंधित है।
इन दोनों मामलों में भी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। सीबीआई ने कहा कि तीनों मामलों में अन्य संदिग्धों और आरोपियों के खिलाफ जांच जारी रहेगी।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी







