कोलकाता, 7 जून (आईएएनएस)। तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने पार्टी के आंतरिक संकट के बारे में बताया और अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
ऋतब्रत बनर्जी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “हमारा ध्यान पश्चिम बंगाल विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस विधायक दल पर है। हम अभी उसी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। विधानसभा में विधायक दल का गठन हो चुका है और आने वाले दिनों में विधानसभा सत्र शुरू होगा। नवनिर्वाचित विधायकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या अभिषेक बनर्जी के टीएमसी संसदीय दल के नेता पद को कोई खतरा है, तो ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, “मैं दिल्ली में नहीं हूं, कोलकाता में बैठा हूं। चूंकि मैं सांसद नहीं हूं, इसलिए संसदीय दल के कामकाज के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकता। हालांकि, दिल्ली और कोलकाता के बीच दूरी बहुत ज्यादा नहीं है।”
उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले संभावित सांसदों की संख्या पर स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “मुझे इस बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है। मैंने कल 4-5 सांसदों को फोन करने की कोशिश की, लेकिन उनके फोन बंद थे या कवरेज क्षेत्र से बाहर थे। आज मैंने कुछ सांसदों से अप्रत्यक्ष रूप से बात की है, लेकिन मुझे अभी कोई साफ अंदाजा नहीं है।”
पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “आज यह चर्चा का विषय नहीं है। समय आने पर देखा जाएगा कि क्या होता है।”
इंडिया अलाइंस की बैठक पर ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि वे सांसद नहीं हैं, इसलिए उन्हें बैठक की कोई जानकारी नहीं है।
अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, “अभिषेक बनर्जी आम लोगों के नेता हैं, लेकिन पहले वे 20 गाड़ियों के काफिले में चलते थे। अब संख्या कम हो गई है, शायद जनता ने उन्हें करारी हार का स्वाद चखाया है। कल मैंने एयरपोर्ट कर्मचारियों से सुना कि उन्होंने चार्टर्ड फ्लाइट ली है। उनका आम लोगों से कोई लेना-देना नहीं रह गया है।”
उन्होंने टीएमसी की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, “पार्टी संकट का सामना कर रही है। कई कार्यकर्ता हमलों और कानूनी मुकदमों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में पार्टी फंड की जरूरत है। सांसद को बिजनेस क्लास का मुफ्त कूपन मिलता है, फिर भी चार्टर्ड फ्लाइट लेना उचित नहीं है। हमें लगा था कि चुनाव हारने के बाद उन्हें अक्ल आएगी और वे जमीन से जुड़ेंगे, लेकिन वे अभी भी गुब्बारे की तरह हवा में उड़ रहे हैं।”
--आईएएनएस
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