भोपाल, 8 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में हमीदिया अस्पताल के इंटर्न डॉक्टरों ने 9 सितंबर 2026 को पूरी तरह ओपीडी बंद करने का ऐलान किया है। वे स्टाइपेंड बढ़ाकर 30,000 रुपए करने और घायल प्रदर्शनकारियों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
इस पर प्रेसिडेंट मेडिकल टीचर एसोसिएशन के डॉ. राकेश मालवीय ने कहा कि सभी चिकित्सक और इंटर्न दो दिन से धरने पर बैठे हैं। इंटर्न स्टूडेंट नहीं, बल्कि डॉक्टर ही होते हैं। उनके समर्थन में जूनियर डॉक्टरों ने भी काम बंद कर दिया है। सभी की मांग है कि सरकार उनसे सही तरीके से बातचीत करे।
उन्होंने कहा कि अभी तक सरकार से वार्ता ठीक से नहीं हो पाई है। उनकी दो मुख्य मांगें हैं: पहली, स्टाइपेंड बढ़ाने की, और दूसरी, जो भी बातचीत हुई है उस पर एक्शन लिया जाए। इसी को लेकर सभी डॉक्टर एकजुट हैं और सीनियर डॉक्टर भी उनका समर्थन कर रहे हैं।
डॉ. राकेश मालवीय ने कहा कि प्रशासन से अभी तक कोई स्पष्ट बात नहीं हुई है और जब तक बातचीत नहीं होगी, तब तक सभी डॉक्टर धरने पर बैठे रहेंगे। हम कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द समाधान निकले, क्योंकि इस तरह का हंगामा ठीक नहीं है।
उन्होंने बताया कि आज जूनियर डॉक्टरों ने ओपीडी बंद कर दी थी, जिसे वरिष्ठ डॉक्टर अपने स्तर पर चला रहे थे। कल इमरजेंसी को छोड़कर बाकी सभी सेवाएं वरिष्ठ डॉक्टर भी बंद रखेंगे। सभी डॉक्टर सुबह से आ-जा रहे हैं, जिसे जैसा समय मिल रहा है, वह आकर समर्थन दे रहा है।
आगे की योजना पर एक इंटर्न डॉ. नवीन बिरौलिया ने कहा कि प्रशासन की तरफ से कोई आश्वासन नहीं मिला है। हमारी सीधी मांग है कि हमारा स्टाइपेंड 14,336 रुपए से बढ़ाकर 30,000 रुपए किया जाए। सिर्फ आश्वासन से हम मानने वाले नहीं हैं। सरकार को ठोस कदम उठाना होगा। उपमुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री खुद आकर यहां बताएं कि स्टाइपेंड बढ़ाया जा रहा है। आश्वासन से कुछ नहीं होगा। पिछली बार भी आश्वासन दिया गया था लेकिन स्टाइपेंड नहीं बढ़ा।
उन्होंने आगे कहा कि कल हम कैंपस में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तभी पुलिस ने हम पर वाटर कैनन चलाया, जिसमें कई साथियों के कान के पर्दे फट गए और किसी का हाथ फ्रैक्चर हो गया। हम मांग करते हैं कि वीडियो देखकर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए।
डॉ. नवीन ने कहा कि हमारे कॉलेज के सीनियर डॉक्टर सुबह से हमारे समर्थन में आए हैं और हमें पूरा सपोर्ट दे रहे हैं। प्रशासन ने अभी हमारा डेलीगेशन बुलाया है। वे बातचीत के लिए जाएंगे, इसके बाद आगे की बात होगी।
डॉ. तान्या जैन ने कहा कि हमारी मांग है कि 14,336 रुपए के स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30,000 रुपए किया जाए, जो कि बहुत ही सामान्य मांग है। बच्चों ने कोई बड़ी चीज नहीं मांगी है और कई अन्य राज्यों में यह पहले ही बढ़ा दिया गया है।
दूसरी मांग यह है कि कल हमारे कॉलेज में छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। उन पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, जो नहीं होना चाहिए था। हम भी इसी देश के बच्चे हैं। हमारे साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए। जिन्होंने भी इसका आदेश दिया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
--आईएएनएस
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