चंबा, 7 जून (आईएएनएस)। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने हिमाचल प्रदेश के अपने दौरे के दौरान रविवार को चंबा जिले के खज्जियार स्थित एक मतदान केंद्र का दौरा किया और वहां तैनात चुनाव अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बातचीत की।
आधिकारिक बयान के अनुसार, सीईसी ने युवा मतदाताओं से भी संवाद किया और उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
इससे पहले अपने हिमाचल दौरे के दौरान ज्ञानेश कुमार ने धर्मशाला का दौरा किया था, जहां उन्होंने चुनाव अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से मुलाकात की। उन्होंने मतदाता सूची को अद्यतन रखने और उसकी शुद्धता बनाए रखने में बीएलओ की भूमिका की सराहना की।
सीईसी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य में वर्ष 2027 के नवंबर में संभावित विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इन चुनावों में विधानसभा की सभी 68 सीटों के लिए मतदान कराया जाएगा।
शनिवार को ज्ञानेश कुमार ने कांगड़ा घाटी के विभिन्न धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का भी दौरा किया। परिवार के सदस्यों के साथ उन्होंने कांगड़ा किला और बज्रेश्वरी देवी मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इसके अलावा उन्होंने धर्मशाला स्थित चामुंडा देवी मंदिर में भी पूजा-अर्चना की।
इस बीच, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने बताया कि ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चरण-3 के तहत गणना (एन्यूमरेशन) प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
आयोग के अनुसार, इन राज्यों में यह प्रक्रिया 3 मई से शुरू हुई थी। जिन पात्र मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म 28 जून 2026 तक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) को प्राप्त हो जाएंगे, उनके नाम प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
ईसीआई ने कहा कि जो मतदाता 28 जून तक अपना फॉर्म जमा नहीं कर पाएंगे, वे दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान निर्धारित घोषणा-पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकेंगे।
आयोग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं। मतदाता भरे हुए फॉर्म बीएलओ को सौंप सकते हैं या ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं।
अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए बीएलओ प्रत्येक घर का दौरा कर फॉर्म वितरित करने, एकत्र करने और सत्यापन का कार्य कर रहे हैं। आयोग ने यह भी बताया कि बीएलओ अपने साथ कम से कम 30 खाली फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र रखते हैं, ताकि नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के इच्छुक लोगों को तुरंत फॉर्म उपलब्ध कराया जा सके।
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