नागपुर, 9 सितंबर (आईएएनएस)। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने तीन अलग-अलग मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में एफआईआर, कर्नाटक में मंत्री सतीश जारकीहोली पर ईडी की छापेमारी और गरबा में मुस्लिम प्रवेश पर चल रहे विवाद को लेकर बात की।
हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में हल्द्वानी पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने पर संजय राउत ने कहा, "यह अच्छी बात है। मैंने सुना था कि यह लोग राहुल गांधी को ही आरोपी बना रहे हैं। जनता का जो दबाव बना, तो जिसने भी यह सामाजिक विघटन का काम किया है, उसके खिलाफ अगर एफआईआर दर्ज हुई है तो यह अच्छा है।"
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली के ठिकानों पर छापेमारी पर संजय राउत ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "राम मंदिर चढ़ावा मामले के लिए कहां है ईडी? आज भी जहां कांग्रेस की सरकारें हैं, जहां कांग्रेस के नेता हैं, या हमारे जैसे लोग हैं, उनके घर तक ही ईडी पहुंचती है।"
बता दें कि ईडी ने बुधवार सुबह कर्नाटक के आबकारी विभाग में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में यह कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक, ईडी ने बेंगलुरु, बेलगावी और गोवा में करीब 15 जगहों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। बेंगलुरु के डॉलर्स कॉलोनी स्थित जारकीहोली के निजी आवास, बेलगावी स्थित उनके घर और बेंगलुरु में सरकार द्वारा आवंटित सरकारी आवास पर भी तलाशी ली गई।
अधिकारियों के अनुसार, 25 से ज्यादा ईडी अधिकारियों की टीम करीब 18 गाड़ियों में बुधवार सुबह 7 बजे पहुंची और तलाशी शुरू की। इस दौरान सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के जवान भी मौजूद रहे।
वहीं, नवरात्रि से पहले गरबा और डांडिया आयोजनों में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने के विवाद के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने समावेशी दृष्टिकोण का समर्थन किया है। उन्होंने साफ कहा था कि "अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति वहां आता है और उत्सव का सही तरीके से आनंद लेता है, तो उन्हें इसमें कोई समस्या नजर नहीं आती। त्योहार सभी को साथ लेकर चलने के लिए होते हैं।"
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा, "देश के प्रधानमंत्री विदेश में जाकर वहां के इस्लामिक राज्य प्रमुख से गले मिलते हैं, उनको माय ब्रदर बोलते हैं, तो यहां भी हमारे बिरादर हैं।"
--आईएएनएस
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