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हजारीबाग में जेपीएससी-जेएसएससी विवाद: रघुबर दास ने किया प्रदर्शन, सीबीआई जांच और छात्रों पर केस वापसी की मांग

हजारीबाग

हजारीबाग, 8 सितंबर (आईएएनएस)। हजारीबाग में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता रघुबर दास ने रविवार को विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और राज्य सरकार से सीबीआई जांच और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की मांग की।

रघुबर दास ने राज्य सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "झारखंड के छात्रों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर झारखंड का मान-सम्मान बढ़ाया, लेकिन झारखंड सरकार ने उस शांतिपूर्ण आंदोलन को बदनाम करने के लिए छात्रों के विश्वास पर विश्वासघात किया।"

उन्होंने आरोप लगाया कि पुतला जुलूस के दौरान जेएमएम के कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर हमला किया। रघुबर दास ने कहा, बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने कहा कि झारखंड में बच्चों पर जो भी अत्याचार हो रहा है, वह राहुल गांधी के इशारों पर हो रहा है।"

भाजपा नेता ने हेमंत सोरेन सरकार के रोजगार के वादों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "जेएमएम और कांग्रेस, भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है। मैं सीएम सोरेन और जेएमएम से यह पूछना चाहता हूं कि 2019 के विधानसभा चुनाव में जो चुनावी वादा किया था कि एक साल में 5 लाख लोगों को नौकरी देंगे और जब तक नौकरी नहीं मिलती है, तब तक बेरोजगारी भत्ता देंगे। लेकिन इन सालों में कभी भर्ती निकलती है, तो परीक्षा रद्द हो जाती है। कभी पेपर लीक हो जाता है तो कभी नौकरी को बेच दिया जाता है।"

रघुबर दास ने कहा कि मौजूदा छात्र आंदोलन के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस-राजद जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इशारे पर हुई।"

उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के समय राहुल गांधी ने समर्थन दिया, लेकिन जब छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ और उन पर फर्जी केस हुए, तब उन्हें हजारीबाग और रांची में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया और बच्चियों को बेइज्जत किया गया।

रघुबर दास ने कहा, "राहुल गांधी इन सभी चीजों के दोषी हैं, उनके इशारे पर ही छात्रों पर झूठा केस कराया गया और उनको पीटा गया। इस कृत्य की भाजपा बहुत भर्त्सना करती है। राज्य सरकार को झूठे केसों को वापस लेना चाहिए। पूरे मामले को भारत सरकार को रेफर करो। अगर सरकार की संलिप्तता घोटाले में नहीं है, तो वह इस मामले को सीबीआई को रेफर कर दें।"

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी