नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विपक्षी सांसदों की ओर से जारी हंगामे को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष को संसद में हंगामा करने के बजाय बहस और चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि हिट एंड रन की राजनीति करने वाले इन हुड़दंगियों और नौसिखियों को अपनी इस सनक से बाहर निकलना होगा। संसद में 'हाय-हाय' और विरोध के नारे लगाने से कुछ हासिल नहीं होगा। अगर यही रवैया रहा तो सड़क पर जनता उन्हें 'बाय-बाय' कह देगी।
उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार संसद का सत्र बाधित करने की कोशिश करता रहा है जबकि जनता ने सांसदों को चर्चा और निर्णय प्रक्रिया में भाग लेने के लिए चुना है। नकवी ने विपक्षी सांसदों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर विपक्ष इसी तरह सदन की कार्यवाही बाधित करता रहा तो जनता भविष्य में उन्हें मौका नहीं देगी। जनता ने उन्हें संसद में विरोध करने के लिए नहीं बल्कि उनके मुद्दों को उठाने के लिए चुना है।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी के सीता कौन थी वाले बयान पर नकवी ने पलटवार किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि दुनिया में मोदी जैसे नेता बहुत कम हैं। पिछले 12-13 वर्षों में उन्हें लगातार राजनीतिक विरोध, असहिष्णुता और व्यक्तिगत हमलों का सामना करना पड़ा लेकिन वे कभी रुके नहीं। उन्होंने हर चुनौती का सामना करते हुए लगातार आगे बढ़ना जारी रखा। सिर्फ पीएम के तौर पर ही नहीं, जब वे गुजरात के सीएम थे तो भी उन्होंने सिर्फ विकास के लिए निरंतर काम किया।
पेपर लीक के मामलों पर नकवी ने कहा कि ऐसी घटनाएं कहीं भी हों, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल केवल उन राज्यों में विरोध करते हैं, जहां भाजपा की सरकार होती है जबकि जिन राज्यों में उनकी अपनी सरकार होती है, वहां ऐसे मामलों पर चुप्पी साध लेते हैं। यूसीसी को लेकर लेखिका तस्लीमा नसरीन के बयान पर नकवी ने कहा कि यूसीसी लागू होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए सरकारों ने इस दिशा में कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं और कई राज्यों में इसे लागू भी किया गया है। उन्होंने कहा कि आगे भी संविधान के अनुरूप इस दिशा में कार्य किया जाएगा।