ग्वालियर, 20 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में प्रस्तावित एक बड़े टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (एसएडीए) का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ एक डिटेल्ड मीटिंग की और प्रोजेक्ट पर एक प्रजेंटेशन की समीक्षा की। एक
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मीडिया से कहा, "तानसेन स्क्वायर तक 16 किमी की लाइन बिछाई जा रही है, जिसमें से लगभग 4 किमी पहले ही पूरा हो चुका है। बाकी 3.75 किमी और 2.5 किमी के हिस्सों पर काम अभी शुरू नहीं हुआ है। इसके साथ ही हम कुंवारी, आसन और सांक नदी पर तीन पुल बना रहे हैं। ये तीनों पुल लगभग 65 फीसदी पूरे हो चुके हैं। इसके बाद हम 1,500 मिलीमीटर व्यास वाली पाइपलाइन और सांक नदी पर बने पुल का भी इंस्पेक्शन करेंगे। पूरा प्रोजेक्ट 31 मार्च, 2027 तक पूरा हो जाना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि यह अंतिम रोडशो है। इसके बाद हम कंपनियों की सूची और उन्हें आवंटित की जा सकने वाली जमीन को अंतिम रूप देंगे। एक बार कंपनियों को जमीन आवंटित हो जाने के बाद, मुख्यमंत्री और मैं सभी कंपनी मालिकों के साथ संयुक्त रूप से बैठक करेंगे और टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के भूमि पूजन समारोह के लिए ग्वालियर में आपके सामने आएंगे।
उन्होंने बताया कि दिल्ली और मुंबई में आयोजित रोड शो के आधार पर अब तक 5,500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे लगभग 15,000 से 18,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने दौरे को लेकर लिखा कि ग्वालियर में एशिया का पहला टेलीकॉम कम्युनिकेशन मैन्युफैक्चरिंग जोन! आज, ग्वालियर के श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैगनेट सिटी (एसएडीए) में प्रस्तावित एशिया के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) के लिए चिन्हित भूमि का दूरसंचार विभाग के सचिव, केंद्र व राज्य सरकार के आला अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। एशिया के पहले एकीकृत टीएमजेड को दूरसंचार एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और नवाचार के लिए अत्याधुनिक औद्योगिक क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए एमओयू और मुंबई में निवेशकों के साथ बैठक के बाद अब हमारा लक्ष्य इस परियोजना को जमीन पर तेजी से उतारना और ग्वालियर के हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।
--आईएएनएस
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