गांधीनगर, 27 अगस्त (आईएएनएस)। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) और जिला आपातकालीन केंद्रों द्वारा गुरुवार को जारी जानकारी के अनुसार, नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद गुजरात से जुड़े 11 लोग लापता या संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं। इनमें से अधिकांश मामले कैलाश मानसरोवर मार्ग से केरंग होते हुए यात्रा कर रहे तीर्थयात्रियों से संबंधित हैं।
इस सूची में अहमदाबाद से जुड़े तीन, आणंद से जुड़े दो, राजकोट से जुड़े एक और सूरत से जुड़े तीन लोग शामिल हैं, जबकि एक भारतीय मूल का अमेरिकी नागरिक और एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं।
वलसाड का एक व्यक्ति अब नेपाल में सुरक्षित पाया गया है।
लापता लोगों में अहमदाबाद निवासी किन्नरी पटेल और मिहिर पटेल भी शामिल हैं, जो रिचा टूर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ कैलाश मानसरोवर मार्ग से केरंग होते हुए यात्रा कर रहे थे।
बुधवार सुबह उनके परिवार के सदस्यों से आखिरी संपर्क हुआ था। अहमदाबाद निवासी अशोकभाई कपाड़ी से बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे आखिरी बार संपर्क हुआ था।
आणंद से बिमलकुमार पटेल और जैमीनाबेन पटेल के बारे में सूचना मिली है कि वे नमस्ते नेपाल ट्रेकिंग एंड रिसर्च हब के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले हुए हैं और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। ये दोनों भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक हैं।
एसईओसी को जय कोटेचा के बारे में भी एक सूचना मिली है, जो रसुवागढ़ी-केरुंग सीमा के पास फ्रेंडशिप ब्रिज-भोटे कोशी नदी गलियारे पर यात्रा कर रहे थे।
वह राजकोट के निवासी हैं, हालांकि उनके परिवार ने बताया कि वह मुंबई में रहते हैं। जिला प्रशासन के अनुसार पहले लापता बताई जा रही वलसाड की रोमा इंटवाला के नेपाल में सुक्षित होने की खबर मिली है।
सूरत से जुड़े तीन लोग (परेशभाई पटेल, ज्योतिबेन पटेल और मीनाक्षीबेन रमानी) पिछले 24 घंटों से संपर्क में नहीं हैं। परेशभाई और ज्योतिबेन अमेरिका में रहते हैं, जबकि मीनाक्षीबेन मुंबई में रहती हैं।
बाकी मामलों में अमरेली के मूल निवासी अमेरिकी नागरिक दिनेशभाई पटेल और महेसाणा के ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भाविनकुमार रावल शामिल हैं। रावल 26 लोगों के एक समूह के साथ यात्रा कर रहे थे और उनसे आखिरी बार बुधवार सुबह संपर्क हुआ था।
ये खबरें ऐसे समय में आई हैं जब नेपाल में रसुवा और आसपास के जिलों में आई बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान जारी है।
नेपाल सरकार द्वारा गुरुवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, मृतकों की संख्या 165 है, जबकि 579 पर्यटकों सहित 826 लोग अभी भी लापता हैं।
बाद में आई रिपोर्टों में मरने वालों की संख्या काफी अधिक बताई गई; नेपाल पुलिस ने शव बरामद होने के बाद 270 मौतों की पुष्टि की।
--आईएएनएस
एमएस/







