Advertisement banner

गुजरात में नकली दवाओं और मिलावटी खाद्य पदार्थों पर बड़ी कार्रवाई, 50 दवा कंपनियों के लाइसेंस रद्द

गुजरात

गांधीनगर, 2 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के खाद्य एवं औषधि नियंत्रण प्रशासन (एफडीसीए) ने अगस्त महीने में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 50 दवा कंपनियों के बिक्री लाइसेंस रद्द कर दिए और गंभीर अनियमितताएं मिलने पर दो दवा निर्माण इकाइयों को बंद करने का आदेश दिया। वहीं, राज्यभर से करीब 42,988 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 93.47 लाख रुपये है।

राज्य सचिवालय में स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस कार्रवाई की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को नकली, घटिया और अवैध रूप से बेची जा रही दवाओं व खाद्य पदार्थों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने के निर्देश दिए।

एफडीसीए के अनुसार, जोखिम आधारित निरीक्षण के दौरान आठ दवा निर्माण कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए और 11 दवाओं के निर्माण लाइसेंस रद्द कर दिए गए। प्रयोगशाला जांच में घटिया गुणवत्ता की पाई गई 20 दवाओं के निर्माताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

राज्य के 42 ब्लड स्टोरेज सेंटरों के निरीक्षण में तीन को बंद करने का आदेश दिया गया, जबकि 12 को नोटिस जारी किए गए।

एफडीसीए ने स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के साथ मिलकर अहमदाबाद, गांधीनगर और मेहसाणा में अवैध नशीली और नकली दवाओं के नेटवर्क पर कार्रवाई की। वडोदरा जिले के वाघोडिया में एक मेडिकल स्टोर के पास स्थित दुकान से ट्रामाडोल समेत नशीले इंजेक्शनों का बड़ा स्टॉक जब्त किया गया। मामले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।

इसके अलावा, नकली 'निकार्डिया रिटार्ड 10' टैबलेट मामले में 30 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई। जांच में उत्तर प्रदेश के लखनऊ से अहमदाबाद और साणंद तक सप्लाई चेन का पता चला। करीब 1.75 लाख रुपये की संदिग्ध दवाएं जब्त की गईं और अहमदाबाद क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई। अगस्त में एफडीसीए ने 2,238 खाद्य कारोबारियों का निरीक्षण किया और 2,591 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे।

राज्यभर में 1,625 से अधिक होटल, रेस्तरां और ढाबों का निरीक्षण किया गया। कमियां मिलने पर 306 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस दिए गए, जबकि गंभीर उल्लंघनों पर 38 प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई, जिसमें लाइसेंस रद्द करना भी शामिल है, की गई। स्वास्थ्य मंत्री पानसेरिया ने अधिकारियों को दूध, घी, तेल और मसालों जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों की लगातार निगरानी करने और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत औचक निरीक्षण तथा कानूनी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।

--आईएएनएस

डीएससी