गौतमबुद्धनगर, 16 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण के लिए परिवहन विभाग ने पुराने वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुपालन में गौतमबुद्धनगर में समयसीमा पूरी कर चुके वाहनों के खिलाफ लगातार सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है।
अभियान के दौरान अब तक 650 से अधिक वाहनों को जब्त किया जा चुका है। इन वाहनों को नियमानुसार पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र को सुपुर्द किया गया है, जहां वाहनों को स्क्रैप करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. उदित नारायण पाण्डेय के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लागू है। प्रतिबंधित वाहनों को सड़कों पर चलाना ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर पार्क करना भी नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
इसी को देखते हुए परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें जनपद के अलग-अलग इलाकों में लगातार जांच और कार्रवाई कर रही हैं। परिवहन विभाग की विभिन्न प्रवर्तन टीमों ने गौतमबुद्धनगर के प्रमुख चौराहों, एक्सप्रेसवे, मुख्य मार्गों और आंतरिक सड़कों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पुराने और निर्धारित आयुसीमा पूरी कर चुके वाहनों की जांच की गई। नियमों का उल्लंघन करते पाए गए 650 से अधिक कार, एसयूवी और व्यावसायिक वाहनों को जब्त किया गया। जब्त वाहनों को नियमानुसार अधिकृ केंद्रों के हवाले किया गया है। यहां वाहनों की स्क्रैपिंग की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत की जा रही है।
परिवहन विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के साथ-साथ पुराने और प्रदूषणकारी वाहनों को सड़कों से हटाने के उद्देश्य से की जा रही है। परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि यदि उनके पास 10 वर्ष से अधिक पुराना डीजल या 15 वर्ष से अधिक पुराना पेट्रोल वाहन है तो उसे दिल्ली-एनसीआर के सार्वजनिक मार्गों पर संचालित न करें। साथ ही ऐसे वाहनों को सार्वजनिक स्थानों अथवा सड़क किनारे पार्क करने से भी बचें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित वाहनों का संचालन या नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के अनुसार, सुपुर्द किए गए वाहनों के लिए वाहन स्वामी को नियमानुसार स्क्रैप मूल्य दिया जाएगा। इसके साथ ही वाहन मालिक को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट यानी जमा प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा। नियमानुसार इस प्रमाणपत्र का उपयोग नया वाहन खरीदते समय रोड टैक्स में छूट और वाहन निर्माता की ओर से उपलब्ध अतिरिक्त लाभ लेने के लिए किया जा सकता है। जिन वाहन स्वामियों के वाहन निर्धारित आयु सीमा पूरी करने वाले हैं, उनके लिए परिवहन विभाग ने एनओसी का विकल्प भी बताया है।
ऐसे वाहन मालिक समय रहते परिवहन विभाग से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद नियमों के अनुसार वाहन को ऐसे राज्य या जिले में स्थानांतरित किया जा सकता है, जहां संबंधित आयु सीमा का प्रतिबंध लागू नहीं है। हालांकि, इसके लिए वाहन स्वामी को निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन करना होगा।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वायु प्रदूषण की रोकथाम, पर्यावरण संरक्षण और नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए गौतमबुद्धनगर में यह प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रतिबंधित अथवा निर्धारित समयसीमा पूरी कर चुके वाहनों को सड़क पर संचालित करते पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
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