ग्रेटर नोएडा, 3 जुलाई(आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ग्रेटर नोएडा के एक हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रुद्र बिल्डवेल प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक के खिलाफ सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।
यह कार्रवाई घर खरीदारों के साथ बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी की जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर की गई है। सीबीआई के मुताबिक, जांच में ऐसे पर्याप्त प्रमाण मिले हैं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि कंपनी और उसके निदेशक ने योजनाबद्ध तरीके से निवेशकों और घर खरीदारों को झूठे वादों और भ्रामक दावों के जरिए अपने जाल में फंसाया।
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके निदेशक ने आपराधिक साजिश रचते हुए घर खरीदारों और निवेशकों को परियोजना से जुड़े आकर्षक आश्वासन दिए। उन्हें समय पर फ्लैट उपलब्ध कराने, बेहतर सुविधाएं देने और सुरक्षित निवेश का भरोसा दिलाया गया, जबकि वास्तविकता इससे अलग थी।
जांच एजेंसी का कहना है कि इन भ्रामक वादों और धोखे के माध्यम से आरोपियों ने आर्थिक लाभ अर्जित किया, जबकि निवेशकों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। एजेंसी का मानना है कि यह सुनियोजित तरीके से किया गया आर्थिक अपराध था, जिसमें बड़ी संख्या में खरीदार प्रभावित हुए।
सीबीआई ने बताया कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की गई है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और व्यापक तरीके से की गई है तथा सभी उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और अन्य साक्ष्यों का गहन परीक्षण किया गया है।
जांच एजेंसी ने यह भी जानकारी दी कि देशभर में बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों से जुड़े कथित आवासीय घोटालों की जांच अभी भी जारी है। वर्तमान में सीबीआई विभिन्न बिल्डर कंपनियों और कुछ वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दर्ज 36 अन्य मामलों की जांच कर रही है।
इन मामलों में घर खरीदारों के साथ कथित धोखाधड़ी, परियोजनाओं के लिए जुटाए गए धन के कथित दुरुपयोग और फंड डायवर्जन जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। ये सभी मामले सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद दर्ज किए गए थे, जिनका उद्देश्य लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हजारों घर खरीदारों को राहत दिलाना और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना है।
इससे पहले, सीबीआई ने रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड, जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड, एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड, शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड, नाइनक्स डेवलपर्स लिमिटेड और डिसेंट बिल्डवेल प्राइवेट लिमिटेड और उनके निदेशकों के साथ-साथ कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ 12 चार्जशीट दाखिल की थीं।
--आईएएनएस
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