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गणेश की प्रतिमा के स्वागत जुलूस पर अंडे फेंकने को लेकर अयोध्या के संतों में रोष, सख्त कार्रवाई की मांग की

गणेश

अयोध्या, 24 अगस्त (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में गणेश की प्रतिमा के स्वागत के दौरान एक जुलूस पर कथित तौर पर अंडे फेंके जाने की घटना को लेकर अयोध्या के संतों ने नाराजगी जताई। संतों ने घटना की निंदा करते हुए महाराष्ट्र सरकार से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है।

हनुमानगढ़ी के पुजारी संत देवेशाचार्य महाराज ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि गणेश की प्रतिमा के आगमन के दौरान इस तरह की घटना होना बेहद आपत्तिजनक है। गणपति उत्सव महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्रमुख पर्व है और विभिन्न समुदायों के लोग भी इस उत्सव में भाग लेते हैं। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की।

साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि भगवान गणपति के आगमन के दौरान इस तरह की घटना शर्मनाक है। महाराष्ट्र सरकार से कथित आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान ऐसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं।

वैष्णव अखाड़ों के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत भक्तिचरण दास महाराज ने कहा कि गणपति उत्सव महाराष्ट्र के प्रमुख पर्वों में से एक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा त्योहार के दौरान जानबूझकर विवाद या सांप्रदायिक तनाव पैदा करने का प्रयास किया जाता है, तो संत समाज उसका विरोध करता है। उन्होंने कहा कि साधु समाज ऐसी घटनाओं की निंदा करता है और प्रशासन से उचित कार्रवाई की अपेक्षा करता है।

एक अन्य संत ने घटना को कथित तौर पर सुनियोजित बताते हुए सरकार से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने गणपति उत्सव को महाराष्ट्र का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व बताते हुए कहा कि इसमें देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होते हैं।

अयोध्या के एक अन्य संत ने कहा कि धार्मिक आयोजन के दौरान इस तरह की घटना को सामान्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि गणेश उत्सव का महाराष्ट्र के सामाजिक और ऐतिहासिक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रहा है, तथा स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी सार्वजनिक गणेश उत्सवों ने लोगों को एकजुट करने में भूमिका निभाई थी।

देशभर के अन्य संतों ने प्रशासन से अपील की कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और धार्मिक आयोजनों के दौरान शांति एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

--आईएएनएस

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