चंडीगढ़/संगरूर, 16 सितंबर (आईएएनएस)। भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं सांसद तरुण चुघ ने बुधवार को संगरूर जिले के तूर बंजारा गांव पहुंचकर दिवंगत गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने गुलजार की माता सहित अन्य परिजनों के साथ दुख साझा किया और न्याय के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। चुघ ने कहा कि गुलजार सिंह की मौत की परिस्थितियां बेहद गंभीर और पीड़ादायक हैं और भाजपा इस कठिन समय में परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
चुघ ने कहा कि गुलजार सिंह ने अपने गांव में खुलेआम बिक रहे नशे और नशे की गिरफ्त में जा रहे बच्चों को लेकर आवाज उठाई थी और इस संबंध में शिकायत भी की थी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भगवंत मान सरकार में नशे के खिलाफ शिकायत करना ही गुनाह हो गया है? यह घटना पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
परिवार द्वारा दबाव, धमकियों और गुलजार सिंह के आत्महत्या के प्रयास के बाद उनके साथ किए गए कथित व्यवहार को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि गुलजार को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिली और कई घंटों तक इधर-उधर ले जाया गया। इन सभी आरोपों की निष्पक्ष और गहन जांच आवश्यक है।
तरुण चुघ ने ऐलान किया कि वह जल्द ही यह पूरा मामला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाएंगे और केंद्रीय एजेंसी से जांच की मांग करेंगे, ताकि किसी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के बिना सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि परिवार ने बताया कि उन्हें अब भी कथित रूप से दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। चुघ ने परिवार से पूरी जानकारी लिखित रूप में देने को कहा है, ताकि इसे गृह मंत्री के समक्ष रखा जा सके।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्होंने आम आदमी पार्टी की नहीं, बल्कि भारत के संविधान की शपथ ली है और उनका दायित्व नागरिकों को न्याय देना, दोषियों को पकड़ना और पीड़ित परिवार की रक्षा करना है।
चुघ ने पंजाब सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि गुलजार सिंह के मृत्यु पूर्व बयान में जिन-जिन लोगों के नाम लिए गए हैं, उनके खिलाफ कानून के अनुसार मामले दर्ज कर उनकी भूमिका की जांच की जानी चाहिए। गुलजार की मौत से पहले की परिस्थितियों, उन्हें चिकित्सा सहायता में हुई देरी और अंतिम संस्कार को लेकर परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पुलिस रिकॉर्ड, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह मामला पहले ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के संज्ञान में लाया जा चुका है और उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा पुलिस जांच पर स्टेटस रिपोर्ट मांगे जाने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए और परिवार को किसी भी प्रकार के दबाव या भयमुक्त रखा जाना चाहिए। भाजपा न्याय के लिए हर उचित संवैधानिक और कानूनी मंच पर इस मामले को उठाएगी।
--आईएएनएस
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