सूरत, 4 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के सूरत सिटी साइबर क्राइम सेल ने एक 43 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर एक कथित साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क को चुराए गए रुपए को नकदी में बदलने में मदद करने का आरोप है। इस मामले में टीम ने जामताड़ा-कनेक्शन का पता लगाया है।
आरोपी की पहचान दीन मोहम्मद शेख के रूप में हुई है, जिसे सूरत से एक ऐसे मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है, जिसमें एक शिकायतकर्ता को कथित तौर पर 6,31,414.68 रुपए का चूना लगाया गया था। यह ठगी पीड़ित के मोबाइल पर एपीके फाइल को इंस्टॉल करवाकर की गई थी।
पुलिस ने बताया कि मैलवेयर की मदद से आरोपी संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाने में सफल रहे और शिकायतकर्ता की जानकारी के बिना उसके बैंक खाते से लगभग आठ लेनदेन किए।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया, जिसके बाद सूरत साइबर क्राइम सेल ने जांच शुरू की।
साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 318(4), 336(2), 338, 336(3), 340(2), 61(2) और 3(5) के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2008 की धारा 66(डी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस इंस्पेक्टर वी.डी. मंडोरा के नेतृत्व में एक टीम ने मामले में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की।
पुलिस के अनुसार, सूरत के भेस्तान निवासी और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की बुढाना तहसील के जोवला गांव के निवासी 43 वर्षीय शेख ने धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि से जुड़े बिलों का भुगतान करने के लिए अपने एक्सिस बैंक और केनरा बैंक के क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए थे।
पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता के 2,28,226.68 रुपए दो क्रेडिट कार्डों के माध्यम से खर्च किए गए थे। पुलिस उपायुक्त (साइबर सेल) बिशाखा जैन ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर बिलों के भुगतान के लिए कार्ड का इस्तेमाल करने के बाद राशि को नकद में परिवर्तित किया, 10 प्रतिशत कमीशन के रूप में अपने पास रखा और शेष राशि फरार सह-आरोपी को हस्तांतरित कर दी।
इसके बाद कैश डिपॉजिट मशीनों के माध्यम से कथित तौर पर जामताड़ा स्थित नेटवर्क से जुड़े व्यक्तिगत बैंक खातों में धनराशि स्थानांतरित की गई। फिलहाल, इस दिशा में जांच जारी है, ताकि मुख्य आरोपी तक पहुंचा जा सके, जो जामताड़ा में है।
पुलिस ने कहा कि फर्जी तरीके से एपीके फाइल भेजी जाती है और संवेदनशाली जानकारियां जुटाकर ठगी की जाती है। पुलिस ने लोगों से आग्रह किया कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से विशेष रूप से अज्ञात नंबरों से प्राप्त एपीके फाइलों को इंस्टॉल या क्लिक न करें।
उन्होंने कहा, “जब भी लोगों को सोशल मीडिया के माध्यम से ऐसी कोई एपीके फाइल मिले, तो उन्हें उसे इंस्टॉल नहीं करना चाहिए या उस पर क्लिक नहीं करना चाहिए। अगर यह किसी अज्ञात नंबर से आई है, तो उन्हें तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करना चाहिए और उस नंबर को ब्लॉक कर देना चाहिए।”
--आईएएनएस
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