मुंबई, 25 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली के बाढ़ प्रभावित इलाकों में इंडियन कोस्ट गार्ड ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाकर 170 लोगों की जान बचाई है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाके जलमग्न हो गए और संपर्क मार्ग पूरी तरह टूट गया। ऐसे हालात में कोस्ट गार्ड ने हेलीकॉप्टरों और आपदा राहत टीमों की मदद से फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया।
इंडियन कोस्ट गार्ड ने बताया कि 22 जुलाई की रात से शुरू हुई भारी बारिश के बाद दक्षिण गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली के कई इलाकों में गंभीर बाढ़ आई। इसके बाद दमन स्थित इंडियन कोस्ट गार्ड एयर स्टेशन ने जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर लगातार राहत और बचाव अभियान चलाया। खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद टीमों ने दिन-रात मेहनत कर फंसे लोगों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
राहत अभियान के दौरान हेलीकॉप्टरों और आपदा राहत टीमों की मदद से कई अलग-अलग स्थानों से लोगों को सुरक्षित निकाला गया। सबसे पहले सिलवासा के खानवेल क्षेत्र में आधी रात को चलाए गए अभियान में बाढ़ के पानी में फंसे पांच लोगों को बचाया गया। इसके बाद कडैया तटीय क्षेत्र में नदी किनारे फंसे तीन मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वेल्सपन औद्योगिक क्षेत्र में भीषण बाढ़ के बीच पूरी रात चले अभियान में 60 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
इसी तरह एरो फाइबर निजी लिमिटेड और उसके आसपास के इलाके में पानी में फंसी एक बस से सात लोगों को सुरक्षित निकाला गया। डोंगरा क्षेत्र में बाढ़ से घिरे 10 लोगों को बचाया गया। वलसाड और पारडी इलाके में खराब मौसम के बावजूद कोस्ट गार्ड के हेलीकॉप्टर ने चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रिलायंस औद्योगिक क्षेत्र में रात के समय चलाए गए अभियान में आठ लोगों को बचाया गया, जबकि अवध सोसायटी क्षेत्र से 10 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। इनमें गर्भवती महिला और सांस लेने में तकलीफ से जूझ रही एक महिला भी शामिल थीं, जिन्हें तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
सबसे बड़ा बचाव अभियान नवसारी जिले के मेंडर गांव में चलाया गया। यहां कोस्ट गार्ड के दो चेतक हेलीकॉप्टरों की मदद से 63 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। बचाए गए लोगों में एक व्यक्ति ऐसा भी था, जिसे सीने में तेज दर्द की शिकायत थी और उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाना जरूरी था।
कोस्ट गार्ड ने बताया कि राहत कार्यों के दौरान बचाव दल को तेज हवाओं, कम दृश्यता, जलमग्न सड़कों और तेज बहाव जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद जवानों ने साहस, सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई का परिचय देते हुए सभी अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा किया।
इंडियन कोस्ट गार्ड ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय लोगों की जान बचाना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। संस्था ने भरोसा दिलाया कि बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी राहत और बचाव अभियान पूरी तैयारी के साथ जारी रहेंगे। कोस्ट गार्ड ने अपने आदर्श वाक्य "वयम रक्षामः" यानी "हम रक्षा करते हैं" के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि देश और नागरिकों की सुरक्षा के लिए वह हर समय तैयार है।
--आईएएनएस
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