गुजरात के नए डीजीपी जीएस मलिक ने संभाला कार्यभार, साइबर क्राइम और नशा नियंत्रण पर फोकस

गुजरात के नए डीजीपी जीएस मलिक ने संभाला कार्यभार, साइबर क्राइम और नशा नियंत्रण पर फोकस

गांधीनगर, 8 जून (आईएएनएस)। गुजरात के नए पुलिस महानिदेशक ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने सोमवार को औपचारिक रूप से अपना कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने तकनीक आधारित पुलिसिंग, सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने, नशा तस्करी पर सख्त कार्रवाई, साइबर अपराध की रोकथाम और जनता की शिकायतों के तेजी से समाधान को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया हुआ है।

जीएस मलिक 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और पदोन्नति से पहले वे अहमदाबाद पुलिस आयुक्त के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने गांधीनगर स्थित पुलिस भवन में कार्यभार संभाला।

उनकी नियुक्ति राज्य सरकार ने शनिवार को घोषित की थी। इससे पहले लगभग पांच महीनों तक यह पद अतिरिक्त प्रभार में वरिष्ठ अधिकारी केएलएन राव के पास था।

कार्यभार संभालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मलिक ने कहा कि आधुनिक तकनीक कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने अहमदाबाद के बड़े सीसीटीवी नेटवर्क को एक मॉडल बताया, जिसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में जनता के सहयोग से 24,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें से 3,000 से अधिक कैमरों की फीड सीधे पुलिस थानों से जुड़ी हुई है जबकि 7,000 से अधिक कैमरों की लाइव फीड पुलिस कंट्रोल रूम में आती है।

उन्होंने कहा कि इस निगरानी व्यवस्था से चोरी, डकैती और चेन स्नैचिंग जैसे अपराधों को रोकने और उनका पता लगाने में मदद मिली है।

नवनियुक्त डीजीपी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता जनता की शिकायतों के समाधान प्रणाली को मजबूत करने की होगी ताकि लोगों को बार-बार गांधीनगर के चक्कर न लगाने पड़ें और शिकायतों का समाधान स्थानीय स्तर पर ही हो सके।

उन्होंने पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने पर भी जोर दिया, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में। इसके लिए संवाद और संपर्क को बेहतर बनाने की बात कही गई।

डीजीपी ने नशा तस्करी को एक बड़ी चुनौती बताया और कहा कि इसके खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी। उन्होंने कहा कि एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए इसके लिए विशेष प्रशिक्षण और तकनीकी क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। अहमदाबाद में तैयार किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम अब राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किए जाएंगे।

उन्होंने कहा, ''अपराध का पता लगाना ही अपराध रोकने का सबसे अच्छा तरीका है। अगर किसी अपराधी को एक या दो अपराध के बाद पकड़ लिया जाए, तो आगे कई अपराध रोके जा सकते हैं।''

उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा, नशा नियंत्रण और अपराध जांच के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी रहेगी।

मलिक के पास 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हरियाणा के रहने वाले हैं और उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और गुजरात यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल की है।

अपने करियर में उन्होंने गुजरात के विभिन्न जिलों में एसपी के रूप में काम किया है और बीएसएफ व सीआईएसएफ में भी सेवाएं दी हैं। वे संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो शांति मिशन में भी शामिल रहे हैं।

वे जुलाई 2023 में अहमदाबाद पुलिस आयुक्त बने थे और बाद में गुजरात के पुलिस महानिदेशक नियुक्त किए गए।

--आईएएनएस

एएमटी/पीएम