गढ़चिरौली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की भामरागढ़ तहसील में स्कूलों का दौरा किया। पार्टी के देशव्यापी 'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान के दूसरे दिन उन्होंने ताड़गांव स्थित जिला परिषद केंद्र स्कूल और भामरागढ़ के एक आदिवासी आश्रम स्कूल का निरीक्षण किया।
इस दौरान दीपके ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर स्कूलों में उपलब्ध शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
सीजेपी के मुताबिक, ताड़गांव के जिला परिषद स्कूल में कक्षा एक से सात तक 20 विद्यार्थी पढ़ते हैं और यहां तीन शिक्षक हैं। दीपके ने स्कूल में बिजली और पंखों की सुविधा नहीं होने, वाटर प्यूरीफायर खराब होने और शौचालयों में दरवाजे नहीं होने का दावा किया।
स्थानीय लोगों ने दीपके को बताया कि स्कूल की कुछ जर्जर संरचनाओं से सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है। इसमें वह स्थान भी शामिल है, जहां मध्याह्न भोजन तैयार किया जाता है।
प्रेस रिलीज के मुताबिक, स्कूल में खाना बनाने वाले कर्मचारियों को करीब 50 रुपए प्रतिदिन मिलते हैं। स्थानीय लोगों ने खाना पकाने के लिए एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की भी मांग की।
ग्रामीणों ने एक शिक्षक पर नियमित रूप से नशे की हालत में स्कूल आने का आरोप भी लगाया। हालांकि, प्रेस रिलीज में इस आरोप पर संबंधित शिक्षक या शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
दीपके ने कहा कि दौरे के दौरान सामने आई गंभीर समस्याओं को सीधे सरकार के सामने उठाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो सीजेपी इस मुद्दे पर बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेगी।
भामरागढ़ के दौरे के दौरान सीजेपी ने एक वीडियो भी जारी किया। पार्टी ने इसके जरिए सरकारी स्कूलों की स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। कार्यक्रम के दौरान दीया जलाकर और 'हैप्पी बर्थडे' गाकर स्कूल को प्रतीकात्मक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के उपहार के तौर पर पेश किया गया।
यह कार्यक्रम 'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत आयोजित किया गया था।
प्रेस रिलीज में कहा गया कि दीपके का यह दौरा ऐसे समय में हुआ, जब महाराष्ट्र के आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके ने सरकारी और सहायता प्राप्त आश्रम स्कूलों में पिछले दो वर्षों के दौरान 584 विद्यार्थियों की मौत के बाद जवाबदेही तय करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित किए जाने की घोषणा की है।
इससे एक दिन पहले, 17 सितंबर को दीपके ने एटापल्ली क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने डुम्मे जिला परिषद स्कूल का भी निरीक्षण किया था। सीजेपी के मुताबिक, यहां विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने के लिए घने जंगल के रास्ते से गुजरना पड़ता है।
सीजेपी ने कहा कि 'आदिवासी स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों का निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा और वहां की समस्याओं से संबंधित विस्तृत जानकारी राज्य सरकार के अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
--आईएएनएस
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