हैदराबाद, 3 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के राजस्व और आवास मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने गुरुवार को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव पर पलटवार किया। रामा राव ने रेड्डी के परिवार के एयरोस्पेस इंडस्ट्री में कदम रखने पर सवाल उठाए थे।
श्रीनिवास रेड्डी ने रामा राव के परिवार पर भ्रष्टाचार और गैर-कानूनी गतिविधियों का आरोप लगाया।
मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर केटी रामा राव (केटीआर) की एक पुरानी पोस्ट का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने 'राघव एयरोस्पेस एंड डिफेंस' की शुरुआत पर तंज कसा था।
केटीआर ने पोस्ट किया, "सीएम अनुमुला के भाई के एयरोस्पेस और डिफेंस में कदम रखने के बाद, अब रेवेन्यू मिनिस्टर पोंगुलेटी का परिवार भी एयरोस्पेस इंडस्ट्री में आ गया है। मुझे लगता है कि ये वही दो शानदार कंपनियां हैं जो राहुल गांधी के वादे के मुताबिक 2 लाख नौकरियां देंगी।"
पूर्व मंत्री ने तंज कसते हुए कहा, "बहुत बढ़िया सर, अपने सीएम और मंत्री के परिवारों को सशक्त बनाने के लिए... कम समय में इतनी जबरदस्त तरक्की। राहुल, आप देश के बाकी युवाओं के साथ 'जल्दी अमीर बनने' के तरीके क्यों नहीं शेयर करते?"
श्रीनिवास रेड्डी ने केटीआर और उनके परिवार पर निशाना साधते हुए तीखा जवाब दिया। मंत्री ने लिखा, "कलवकुंतला एकेडमी ऑफ करप्शन - यहां सभी गैर-कानूनी गतिविधियां सिखाई जाती हैं। प्रोफेसर: केटीआर - लूट और भ्रष्टाचार सिखाने के किंग। कॉलेज की लोकेशन: एर्रावेल्ली फार्म हाउस।"
कांग्रेस नेता ने केटीआर से कहा, "आपने पहले ही देश को ग्लोबारेना के जरिए पेपर लीक की मास्टरक्लास दी है, जो तेलंगाना में छात्रों की आत्महत्याओं से जुड़ा था, और उसके बाद पूरे देश में नीट पेपर लीक और आत्महत्याएं हुईं।"
श्रीनिवास राव ने पोस्ट किया, "अब, आपके कोर्स के अगले चैप्टर पर आते हैं कि आपने ही बहन और जीजा के फोन कैसे टैप करें, धरणी के जरिए जमीन कैसे हड़पें, और हेल्थ मिनिस्टर रहते हुए अस्पतालों के साथ बिजनेस कैसे करें। आपके जीजा हरीश राव इस पर मास्टरक्लास दे सकते हैं। पार्टी की 20 करोड़ रुपए की संपत्ति को 1,600 करोड़ रुपए में कैसे बदलें और जनता के पैसे को कैसे लूटें और रबर की चप्पल पहनने की हालत से फार्महाउस के साम्राज्य तक कैसे पहुंचें। अब आपकी बारी है, प्रोफेसर ड्रामा राव। देश अगले सबक के लिए तैयार है।"
मंत्री ने बीआरएस नेता को याद दिलाया कि वे राजनीति में आने से बहुत पहले, यानी 30 साल से बिजनेस कर रहे थे - उन्होंने साधारण बैकग्राउंड से एक वैध बिजनेस खड़ा किया, नौकरियां पैदा कीं और हर रुपया ईमानदारी से कमाया।
मंत्री ने आगे कहा, "फिर भी, ईमानदार कारोबार आपके लिए एक समस्या है। आपके लिए कड़ी मेहनत पर सवाल उठाए जाते हैं, जायज कारोबार पर शक किया जाता है, लेकिन भ्रष्टाचार, गैर-कानूनी दौलत और सत्ता का गलत इस्तेमाल किसी तरह स्वीकार्य है।"
--आईएएनएस
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