लखनऊ, 7 जून (आईएएनएस)। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के दो शिक्षकों ने शोध और नवाचार के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व की प्रतिष्ठित ‘ग्लोबल साइंटिस्ट इंडेक्स 2025’ की टॉप-5 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान बनाया है। इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के प्रोफेसर अरुण तिवारी और सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुज कुमार शर्मा की इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय का गौरव राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है।
विश्वविद्यालय के घटक संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईइटी) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अरुण तिवारी और सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज के मेकाट्रॉनिक्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुज कुमार शर्मा को यह प्रतिष्ठित स्थान मिला है। दोनों शिक्षकों की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले वे स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर द्वारा जारी विश्व के शीर्ष शोधकर्ताओं की सूची में भी अपना स्थान बना चुके हैं।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जेपी पांडे ने दोनों शिक्षकों को बधाई देते हुए इसे आकृतियों के शोध एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र की बड़ी सफलता बताया। ग्लोबल साइंटिस्ट इंडेक्स 2025, एस सीआई रैंक ग्लोबल द्वारा प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक रैंकिंग प्लेटफॉर्म है, जो ओपन एलेक्स डेटाबेस के आधार पर विश्वभर के सक्रिय शोधकर्ताओं के प्रकाशनों और उनके प्रभाव का मूल्यांकन करता है। इस सूची में शामिल होने के लिए शोधकर्ता के पास कम से कम 10 सत्यापित शोध प्रकाशन होना आवश्यक है। रैंकिंग में प्रकाशनों की संख्या और शोध पत्रों को प्राप्त उद्धरण (साइटेशन) के आधार पर ‘नॉर्मलाइज्ड कंपोजिट स्कोर’ तैयार किया जाता है।
डॉ. अनुज कुमार शर्मा वर्तमान में एकेटीयू के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। वह कलाम सेंटर फॉर इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन ऑफ स्टार्टअप एकेटीयू फाउंडेशन के निदेशक होने के साथ-साथ विश्वविद्यालय में अकादमिक, नवाचार, अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व भी संभाल रहे हैं।
डॉ. शर्मा अब तक भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), आईसीएमआर, एसईआरबी-डीएसटी, उत्तर प्रदेश सरकार की सीएसटी, टीईक्यूआईपी-III तथा एकेटीयू द्वारा वित्तपोषित छह प्रमुख परियोजनाओं में मुख्य अन्वेषक की भूमिका निभा चुके हैं। उनके 125 से अधिक शोध पत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नलों और सम्मेलनों में प्रकाशित हो चुके हैं, तथा उनके नाम नौ पेटेंट स्वीकृत या प्रकाशित हैं।
शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 2021 से लगातार उन्हें एल्सेवियर और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की शीर्ष दो प्रतिशत शोधकर्ताओं की सूची में शामिल किया जाता रहा है। उन्हें वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल द्वारा ‘अकादमिक उत्कृष्टता पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया, जबकि शिक्षक दिवस के अवसर पर उन्हें एकेटीयू का ‘सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार’ भी प्राप्त हो चुका है।
कोविड-19 महामारी के दौरान डॉ. शर्मा और उनकी टीम ने कई उपयोगी तकनीकी उत्पाद विकसित किए, जिनमें से कुछ का प्रदर्शन राजभवन में भी किया गया। महामारी के दौरान उनके योगदान के लिए उन्हें ‘कोरोना योद्धा’ सम्मान से भी नवाजा गया था।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि प्रोफेसर अरुण तिवारी और डॉ. अनुज कुमार शर्मा की यह उपलब्धि न केवल एकेटीयू बल्कि उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं शोध जगत के लिए भी गर्व का विषय है। इससे युवा शोधकर्ताओं को गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और नवाचार के लिए नई प्रेरणा मिलेगी। कुलपति ने दोनों शिक्षकों को बधाई दी है।