पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान चलाया गया। इसके बाद चुनाव आयोग ने 1 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की। इस बीच चुनाव आयोग ने कहा कि भारत के संविधान और कानून के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग बिहार की मतदाता सूची में संशोधन कर रहा है। नागरिकों को पूरी जानकारी देने के लिए नियमित प्रेस नोट (पीएन) और विज्ञापन जारी किए जा रहे हैं।
ईसीआई के अनुसार, नागरिकों को यह भी पता है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21(2)(ए) और मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के नियम 25 के अनुसार, प्रत्येक चुनाव से पहले मतदाता सूची में संशोधन अनिवार्य है। लंबी कतारों से बचने के लिए बिहार प्रति बूथ मतदाताओं की संख्या 1,200 तक सीमित करने वाला पहला राज्य बन गया। इसके साथ ही मतदान केंद्रों की संख्या 77,895 से बढ़ाकर 90,712 कर दी गई। इसी प्रकार बीएलओ की संख्या भी 77,895 से बढ़ाकर 90,712 कर दी गई।






