कोलकाता: भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की डायमंड हार्बर जिला पुलिस को निर्देश दिया कि वे फाल्टा विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान के करीबी सहयोगियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करें। ग्रामीणों ने इन सहयोगियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने भाजपा को वोट देने पर उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के दफ्तर के सूत्रों ने बताया कि आयोग ने डायमंड हार्बर जिला पुलिस को चेतावनी दी है कि अगर वे उसके निर्देशों का पालन करने में नाकाम रहते हैं और एफआईआर दर्ज करके गांव वालों को धमकाने के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू नहीं करते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दक्षिण 24 परगना जिले की सभी विधानसभा सीटों पर, जिनमें फलता भी शामिल है, पश्चिम बंगाल में दो चरणों में हुए विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को वोट डाले गए थे। हालांकि ईसीआई द्वारा नियुक्त विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने शुक्रवार को फलता के 30 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने की सिफारिश की थी, लेकिन आयोग ने अभी तक इस मामले पर कोई फैसला नहीं लिया है।
पूरे फलता निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान की मांग भाजपा ने तब उठाई, जब यह आरोप लगाया गया कि कुछ बूथों पर भाजपा उम्मीदवार के नाम और फोटो के बगल में मौजूद ईवीएम के बटन सफेद टेप से ढके हुए थे।
29 अप्रैल को मतदान से पहले ही फलता ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा था। इसकी वजह जहांगीर खान और ईसीआई द्वारा नियुक्त विशेष पुलिस पर्यवेक्षक, अजय पाल शर्मा (उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी) के बीच हुई बातचीत थी।
मतदान के दिन भी दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर उप-मंडल के तहत आने वाले फलता और आस-पास के विधानसभा क्षेत्रों से मतदान से जुड़ी छिटपुट हिंसा की खबरें मिली थीं।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को हुए थे। वोटों की गिनती 4 मई को होगी और उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे।
--आईएएनएस
