चेन्नई, 2 जुलाई (आईएएनएस)। अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के पूर्व मंत्री डॉ. सी. विजयभास्कर और एम.आर. विजयभास्कर गुरुवार को लगभग 15,000 समर्थकों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ सत्ताधारी 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) में शामिल होने जा रहे हैं।
सत्ता में आने के बाद से पार्टी में शामिल होने वालों का यह अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम है। यह शामिल होने का कार्यक्रम चेन्नई के पास मल्लापुरम के एक होटल में होगा। टीवीके के सीनियर मंत्री एन. आनंद और अधव अर्जुन नेताओं और उनके समर्थकों का पार्टी में औपचारिक रूप से स्वागत करेंगे।
इस कार्यक्रम में एआईएडीएमके के कई जाने-माने पूर्व नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें तिरुचिरापल्ली की पूर्व मंत्री एस. वलारमथी, तिरुप्पुर के पूर्व मंत्री एम.एस.एम. आनंदन और पूर्व विधायक मनराज (श्रीविल्लिपुत्तूर), एम. रामकुमार (कुंभकोणम), राजावर्मन (तिरुचिरापल्ली), सत्यन प्रभाकर (परमकुडी) और तिरुज्ञानसंबंधम (पेरावुरानी) शामिल हैं।
टीवीके में जिलास्तर के नेता भी शामिल हो रहे हैं, जिनमें पी.के. वैरामुथु (पुडुकोट्टई), इलामबाई तमिलसेल्वन (पेरम्बलुर), ओराथानाडू एम. सेकर (तंजावुर) और श्रीनिवासन (तिरुचिरापल्ली) के साथ-साथ एआईएडीएमके के 208 पूर्व यूनियन सेक्रेटरी भी शामिल हैं।
आयोजकों के अनुसार, तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 15,000 पार्टी पदाधिकारी और समर्थक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि वे लगभग 200 बसों और 600 से ज़्यादा कारों में आए, जो इस राजनीतिक बदलाव के बड़े पैमाने को दिखाता है।
पार्टी में शामिल होने से पहले जारी एक संयुक्त बयान में डॉ. सी. विजयभास्कर और एम.आर. विजयभास्कर ने कहा कि वे अपने पूरे राजनीतिक करियर में एआईएडीएमके के प्रति वफादार रहे और पार्टी के सबसे मुश्किल दौर में भी उसके साथ खड़े रहे।
दोनों नेताओं ने कहा कि उन्होंने एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी से विधानसभा चुनावों से पहले टीवीके के साथ चुनावी गठबंधन करने का आग्रह किया था, लेकिन उनके सुझाव को नजरअंदाज कर दिया गया।
उन्होंने आगे दावा किया कि इसके बजाय पलानीस्वामी ने डीएमके के समर्थन से मुख्यमंत्री बनने की कोशिश की। उन्होंने एआईएडीएमके और डीएमके के बीच किसी भी तरह के समझौते को "अप्राकृतिक" और उन आदर्शों के खिलाफ बताया, जिनके आधार पर पार्टी के संस्थापक एम.जी. रामचंद्रन ने एआईएडीएमके की स्थापना की थी।
पार्टी नेतृत्व से निराशा जाहिर करते हुए पूर्व विधायकों ने कहा कि उन्होंने "आंखों में आंसू लिए" एआईएडीएमके छोड़ने का दुखद फैसला लिया है। वे इस विश्वास के साथ टीवीके में शामिल हो रहे हैं कि यह एक नई राजनीतिक दिशा और तमिलनाडु के लोगों की सेवा जारी रखने का अवसर प्रदान करती है।
--आईएएनएस
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