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डूसू चुनाव में कथित भेदभाव और अनियमितताओं ने विश्वविद्यालय की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए: देवेंद्र यादव

डूसू चुनाव में कथित अनियमितताओं पर कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल
डूसू

नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के परिणाम में एबीवीपी की तीन सीटों पर जीत और सभी चारों सीट पर एनएसयूआई की हार के बाद कांग्रेस ने कथित अनियमितताओं और उम्मीदवारों के साथ कथित भेदभाव का आरोप लगाया। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि छात्र संघ चुनाव लोकतांत्रिक मूल्यों और निष्पक्षता का प्रतीक होना चाहिए, लेकिन चुनाव प्रक्रिया में सामने आई शिकायतों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव के अनुसार, एनएसयूआई उम्मीदवारों को कुछ कॉलेज परिसरों में प्रचार की अनुमति नहीं दिए जाने, जबकि एबीवीपी उम्मीदवारों को कथित तौर पर प्रचार के लिए स्थान उपलब्ध कराए जाने के आरोप सामने आए हैं। यह समान अवसर और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के सिद्धांत पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

इसके अलावा, लिंगदोह समिति के दिशा-निर्देशों का कथित उल्लंघन करने वाले उम्मीदवारों को प्रचार की अनुमति दिए जाने तथा विश्वविद्यालय के निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं करने वाले कुछ उम्मीदवारों को भी कथित रूप से प्रचार करने की अनुमति मिलने की शिकायतें सामने आई हैं।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कॉलेज परिसरों में एबीवीपी की बैठकों के लिए विश्वविद्यालय और कॉलेज के बुनियादी ढांचे का कथित रूप से इस्तेमाल कैसे किया गया, जबकि ऐसी गतिविधियां चुनाव आचार संहिता के दायरे में प्रतिबंधित होने की बात कही जा रही हैं। वहीं, ईवीएम के इस्तेमाल और वोटों की गिनती की पारदर्शिता को लेकर उठी चिंताओं का भी विश्वविद्यालय प्रशासन को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनाव की विश्वसनीयता से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

देवेंद्र यादव ने मांग की है कि डूसू चुनाव से संबंधित सभी शिकायतों की निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराई जाए। चुनाव में सभी उम्मीदवारों और छात्र संगठनों के लिए एक समान नियम लागू होने चाहिए। विश्वविद्यालय प्रशासन को यह स्पष्ट करना होगा कि चुनावी नियम किसी एक संगठन के लिए अलग और दूसरे के लिए अलग क्यों दिखाई दिए।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को संरक्षित किया जाना चाहिए, और सभी उम्मीदवारों और छात्र संगठनों को निर्धारित नियमों और चुनाव आचार संहिता के अनुसार समान अवसर और सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी