नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। सीपीआई ने मंगलवार को राजधानी के रामलीला मैदान में 'बदलाव जरूरी है' रैली आयोजित की। रैली में पार्टी नेताओं ने सरकार बदलने की मांग की और मौजूदा सरकार के दौर में देश के सामने खड़े कई और गंभीर होते संकटों का जिक्र किया।
सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने रोजगार के बेहतर अवसर, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव की मांग की।
राज्यसभा के पूर्व सदस्य और सीपीआई नेता बिनॉय विश्वम ने आईएएनएस से कहा कि बदलाव की मांग के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग दिल्ली में जमा हुए हैं।
विश्वम ने कहा, "लोगों को देखिए। वे देश के हर हिस्से से आए हैं। उत्तर और दक्षिण से आए हैं। पूर्व और पश्चिम से आए हैं। वे असली भारतीय हैं। वे भारत के लोग हैं। उन्होंने भारत को आजाद कराया। उन्होंने संविधान बनाया। अब वे बदलाव की मांग कर रहे हैं। उनका नारा है 'बदलाव जरूरी है'। देश यही चाहता है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि देश बेरोजगारी, भोजन, आवास और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा, "रोजगार, भोजन, आवास और शिक्षा नहीं है। 70 साल बीत चुके हैं, लेकिन लोग अभी भूखे मर रहे हैं। परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। पूरी परीक्षा प्रणाली भ्रष्टाचार की चपेट में है।"
विश्वम ने कहा, "यह कॉरपोरेट और लुटेरों की सरकार है। यह सरकार भारत के लिए नहीं, बल्कि ट्रंप और नेतन्याहू के लिए शासन कर रही है। इसलिए हम ऐसी सरकार चाहते हैं जो देश और भारत के लोगों के लिए शासन करे।"
विश्वम ने कहा, "मौजूदा सरकार लोगों की सरकार नहीं है। यह अमीरों की सरकार है। सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाली सरकार है। इसलिए हम भाईचारे और एकता वाली सरकार चाहते हैं। यही वजह है कि भारत के कोने-कोने से एक लाख लोग हर तरह से देश की राजधानी दिल्ली पहुंचे और उनका कहना है कि इस देश को बदलाव की जरूरत है।"
सीपीआई नेता एनी राजा ने कहा कि समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, जिसकी वजह केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार की जन-विरोधी नीतियां हैं।
राजा ने कहा, "इस समय, भारत के लोग केंद्र में फासीवादी भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और कार्यक्रमों के कारण बहुत मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं। ये नीतियां मजदूरों, किसानों, छात्रों, युवाओं और महिलाओं के हितों के खिलाफ हैं।"
उन्होंने कहा कि सरकार की "गलत नीतियों" की वजह से भारतीय समाज के हर वर्ग के लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सीपीआई के राज्यसभा सदस्य पी. संतोष कुमार ने कहा कि रैली का मुख्य नारा 'बदलाव जरूरी है' था और दावा किया कि देशभर के लोगों ने इसे पसंद किया।
उन्होंने कहा, "'बदलाव जरूरी है' वह मुख्य नारा है, जिसके तहत यह रैली आयोजित की जा रही है। हमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यह नारा देश के हर घर और हर व्यक्ति की ज़ुबान पर है।"
--आईएएनएस
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