Dhaula Kuan Accident : धौला कुआं बीएमडब्ल्यू एक्सीडेंट मामले में पाटियाला कोर्ट ने लिया संज्ञान, गगनप्रीत कौर को समन जारी

धौला कुआं बीएमडब्ल्यू हादसा: कोर्ट ने लिया चार्जशीट का संज्ञान, आरोपी को समन
धौला कुआं बीएमडब्ल्यू एक्सीडेंट मामले में पाटियाला कोर्ट ने लिया संज्ञान, गगनप्रीत कौर को समन जारी

नई दिल्ली: दिल्ली के धौला कुआं बीएमडब्ल्यू रोड एक्सीडेंट मामले में पाटियाला हॉउस कोर्ट ने दिल्ली पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट का संज्ञान लिया। कोर्ट ने मामले में आरोपी गगनप्रीत कौर को 2 फरवरी को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किया है।

दिल्ली पुलिस की ओर से दायर चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट और उससे जुड़े दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया अपराध का प्रमाण मिलता है। दिल्ली पुलिस ने गगनप्रीत कौर के खिलाफ बीएमएस की धारा 105 के साथ-साथ धारा 281/125बी और 238ए के तहत आरोप पत्र दायर किया था। धौला कुआं बीएमडब्ल्यू दुर्घटना में वित्त मंत्रालय के उप सचिव नवजोत सिंह की मौत हो गई थी।

बता दें कि 14 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे धौला कुआं के पास यह हादसा हुआ, जिसमें गुरुग्राम निवासी गगनप्रीत मक्कड़ की बीएमडब्ल्यू तेज स्पीड में मेट्रो पिलर से टकराई, पलटी खाई और नवजोत सिंह की मोटरसाइकिल से भिड़ गई, जिसमें नवजोत और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में नवजोत को वेंकटेश्वरा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

बीएमडब्ल्यू की स्पीड रिपोर्ट से पता चला कि रिंग रोड पर 50 किमी प्रति घंटे की लिमिट होने के बावजूद कार 100-110 किमी की रफ्तार से चल रही थी।

वहीं, पिछले दिनों दिल्ली कैंट थाना क्षेत्र धौलाकुआं के पास पिछले वर्ष सितंबर में हुए बीएमडब्ल्यू हादसे के मामले में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में 400 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल कर दिया है। आरोप पत्र में कहा गया है कि हादसे में जान गंवाने वाले वित्त मंत्रालय के उप सचिव नवजोत सिंह दुर्घटना के बाद कम से कम 15 मिनट तक जीवित थे।

ऐसे में यदि उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता मिलती तो उनकी जिंदगी बचाई जा सकती थी। पुलिस ने आरोप लगाया है कि आरोपी गगनप्रीत मक्कड़ ने जानबूझकर पीड़ित को जरूरी चिकित्सा सहायता पहुंचाने में देरी की, जिससे ट्रामा केयर का गोल्डन आवर बर्बाद हो गया।

पुलिस के मुताबिक, हादसे के पास दिल्ली कैंट हॉस्पिटल या एम्स ट्रामा सेंटर जैसे बड़े अस्पताल महज 10-15 मिनट की दूरी पर थे। लेकिन आरोपित गगनप्रीत ने घायलों को 20 किलोमीटर दूर जीटीबी नगर स्थित नुलाइफ हॉस्पिटल ले जाने का फैसला किया, जहां पहुंचने में 23 मिनट लग गए।

--आईएएनएस

 

 

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