नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली के बवाना से विधायक और कैबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने सोमवार को लोक निर्माण विभाग के साथ हुई बैठक में विधानसभा क्षेत्र की स्थानीय जरूरतों तथा प्रस्तावित सड़क और कनेक्टिविटी परियोजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, उन्होंने बवाना क्षेत्र में सहायक ड्रेनेज चैनल के ऊपर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर और कंझावला से मंगोलपुरी तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर कई अहम सुझाव रखे।
प्रस्तावित कंझावला-मंगोलपुरी एलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई लगभग 11.70 किलोमीटर होगी। इस परियोजना का उद्देश्य पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली की प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव कम करना और परिवहन व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाना है।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस बैठक में पीडब्ल्यूडी की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य दिल्ली के बाहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क अवसंरचना तथा संपर्क व्यवस्था को मजबूत करना था।
रविंद्र इंद्राज सिंह ने कहा कि बवाना विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में गांव और ग्रामीण आबादी निवास करती है, इसलिए इस प्रकार की बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की योजना बनाते समय स्थानीय गांवों और निवासियों की कनेक्टिविटी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर में गांवों और स्थानीय क्षेत्रों के लिए उचित एंट्री और एग्जिट व्यवस्था, पर्याप्त संपर्क मार्ग, यातायात सुरक्षा उपाय और पैदल यात्रियों के लिए सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि परियोजना का लाभ केवल मुख्य कॉरिडोर से गुजरने वाले यातायात तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आसपास के गांवों और स्थानीय निवासियों की आवाजाही भी बेहतर होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय यातायात और लोगों के दैनिक आवागमन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, इसके लिए चरणबद्ध निर्माण योजना तैयार की जानी चाहिए।
रविंद्र इंद्राज सिंह ने भविष्य में यातायात बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए कॉरिडोर की क्षमता और कनेक्टिविटी का उचित आकलन करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि बवाना, कंझावला और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को लंबे समय से बेहतर सड़क संपर्क की जरूरत रही है। ऐसे में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप इन परियोजनाओं का विकास क्षेत्र के संतुलित और समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
मंत्री ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को निर्देश दिए कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के क्रियान्वयन के आगामी चरणों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सुझावों और क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए परियोजना को अंतिम रूप दिया जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसा करने से यह परियोजना बवाना विधानसभा क्षेत्र की स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पूरी बाहरी दिल्ली के लोगों को भी लाभ पहुंचाएगी।
--आईएएनएस
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