अगरतला, 21 जुलाई (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को कहा कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग के असामयिक निधन से राज्य ने एक ईमानदार, दक्ष और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी को खो दिया है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जनसुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी।
अनुराग का शव सोमवार को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में उनके कार्यालय से जुड़े बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था।
मुख्यमंत्री ने डीजीपी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अपने पूरे सेवा जीवन में अनुराग ने ईमानदारी, पेशेवर दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया, जिसके कारण उन्हें सहयोगियों और आम जनता का व्यापक सम्मान मिला।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत में माणिक साहा ने कहा, "जनसुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी। उनके असामयिक निधन से राज्य ने एक ईमानदार, कुशल, कर्तव्यनिष्ठ और जनसेवा के प्रति समर्पित पुलिस अधिकारी को खो दिया है।"
उन्होंने कहा कि अनुराग की कार्यकुशलता और ईमानदार नेतृत्व के कारण त्रिपुरा में कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। उनके अनुसार अनुराग ने अपने पूरे करियर में सत्यनिष्ठा, साहस, पेशेवर क्षमता और सार्वजनिक सेवा के प्रति अटूट समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत किया।
मुख्यमंत्री ने उनके निधन को सरकार और पुलिस विभाग के लिए "अपूरणीय क्षति" बताते हुए कहा कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी द्वारा छोड़ी गई कमी को भर पाना बेहद कठिन होगा।
उन्होंने कहा, "जब तक अनुराग थे, मुझे हमेशा भरोसा रहता था कि राज्य की कानून-व्यवस्था सुरक्षित हाथों में है।" मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 जुलाई को त्रिपुरा पुलिस की पासिंग आउट परेड के दौरान उनकी अनुराग से मुलाकात हुई थी और उस समय वह पूरी तरह प्रसन्न और सामान्य दिखाई दे रहे थे।
माणिक साहा ने कहा कि मामले में अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है और कानून के अनुसार जांच आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अनुराग की मौत फांसी लगने से हुई है।
मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सबसे बड़ी क्षति परिवार को हुई है और उन्होंने ईश्वर से उन्हें इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
उन्होंने कहा, "उनका नेतृत्व, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रति समर्पण और जनता की सेवा हमेशा सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुराग की विरासत आने वाली पीढ़ियों के पुलिसकर्मियों और नागरिकों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि अनुराग ने यह सिखाया कि सच्चा नेतृत्व कर्तव्य, संवेदनशीलता और निस्वार्थ सेवा की भावना पर आधारित होता है।
इस बीच, राज्यपाल इंद्र सेना रेड्डी नल्लू, मुख्यमंत्री माणिक साहा, कई मंत्री, मुख्य सचिव जितेंद्र कुमार सिन्हा, गृह सचिव अभिषेक सिंह, कार्यवाहक डीजीपी जी.एस. राव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को अनुराग को श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद उनके पार्थिव शरीर को परिजनों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ ओडिशा और दिल्ली होते हुए उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बरौत स्थित उनके पैतृक स्थान के लिए रवाना किया गया, जहां बुधवार सुबह उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
1994 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग के सम्मान में त्रिपुरा सरकार ने मंगलवार को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की। अनुराग ने 17 मई 2025 को त्रिपुरा के डीजीपी का पदभार संभाला था। इससे पहले वह राज्य में डीजीपी (इंटेलिजेंस) के पद पर कार्यरत थे।
--आईएएनएस
डीएससी





