नई दिल्ली, 10 जुलाई (आईएएनएस)। चुनाव आयोग ने केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के प्रमुख आंकड़े जारी किए हैं। आयोग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य पूरी पारदर्शिता के साथ सभी पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र लोगों के नाम हटाना है।
चुनाव आयोग के अनुसार, 4 जून 2026 तक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 4,28,036 मतदाता दर्ज थे। इनमें से 3 जुलाई 2026 तक 3,01,142 से अधिक मतदाताओं ने अपने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर दिए हैं। आयोग ने इसे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तीसरे चरण में लोगों की व्यापक भागीदारी बताया है।
आयोग ने बताया कि यह चरण तीनों जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों, 2 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, 7 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों, बीएलओ सुपरवाइजर, बीएलओ, सहायक बीएलओ और 464 मतदान केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक पूरा हुआ। इसके अलावा 4 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और 2 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इन दलों ने 614 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए थे।
मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों ने व्यापक जागरूकता अभियान चलाए। राजनीतिक दलों के साथ बैठकें कर पूरी प्रक्रिया समझाई गई और अभियान की प्रगति साझा की गई। वहीं, बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए और उन्हें एकत्र करने के लिए कम से कम तीन बार दौरा किया। बीएलए को भी प्रतिदिन 50 तक एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की अनुमति दी गई, ताकि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए।
आयोग ने विशेष पुनरीक्षण की आगामी समय-सीमा भी जारी की है। 10 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी। इसके बाद 10 जुलाई से 9 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। 10 जुलाई से 7 सितंबर 2026 तक इन दावों और आपत्तियों का निस्तारण होगा जबकि 11 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
प्रारूप मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के कार्यालयों, मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट, स्थानीय बीएलओ, ईसीआईनेट मोबाइल ऐप और वोटर्सडॉटईसीआईडॉटजीओवीडॉटइन पर उपलब्ध रहेगी। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में नहीं मिलता है तो उसे फॉर्म-6, घोषणा पत्र और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। आयोग ने फॉर्म-6 (नए मतदाता), फॉर्म-6ए (विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाता), फॉर्म-7 (नाम जोड़ने या हटाने पर आपत्ति) और फॉर्म-8 (पता परिवर्तन, विवरण संशोधन, ईपीआईसी बदलने या पीडबील्यूडी चिह्नित करने) की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है।
अभियान को सफल बनाने के लिए नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। जिला निर्वाचन कार्यालयों और ईआरओ कार्यालयों में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए तथा विशेष शिविर भी लगाए गए। निर्वाचन अधिकारियों ने बीएलओ को डिजिटाइजेशन प्रक्रिया में प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की मदद ली गई, प्रचार वीडियो, ई-फ्लायर और प्रशंसापत्र सोशल मीडिया पर साझा किए गए तथा पूरे केंद्र शासित प्रदेश में होर्डिंग और बैनर लगाकर लोगों को जागरूक किया गया।
चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या पूरी करने वाले युवाओं को फॉर्म-6 के माध्यम से मतदाता बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। वहीं प्रत्येक मतदान केंद्र पर बीएलओ ने अनुपस्थित, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं का विवरण बीएलए को उपलब्ध कराया है। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं की सहायता के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। आयोग ने कहा कि प्रिंट, टीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने वाली हर शिकायत का संबंधित ईआरओ और एईआरओ द्वारा व्यक्तिगत रूप से समाधान किया जा रहा है, ताकि किसी भी मतदाता की शिकायत लंबित न रहे।
--आईएएनएस
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