Congress Walkout : मल्लिकार्जुन खड़गे का आरोप, सरकार की मंशा राज्यसभा-लोकसभा में विपक्ष के नेताओं को नहीं बोलने देना है

कांग्रेस नेता खड़गे के नेतृत्व में विपक्ष ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया।
मल्लिकार्जुन खड़गे का आरोप, सरकार की मंशा राज्यसभा-लोकसभा में विपक्ष के नेताओं को नहीं बोलने देना है

नई दिल्ली: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया। यह तब हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे।

वॉकआउट के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी भारत के राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। हम उन्हें पूरा सुनना चाहते थे, लेकिन पिछले चार दिनों से हम देख रहे हैं कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है। हम देश के हित में कुछ महत्वपूर्ण बातें लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में रखना चाहते थे। एक तो लोकतंत्र के हित में, दूसरा लोकतंत्र को बचाकर आम जनता को राहत दिलाने के लिए।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ समझौता करते हुए किसानों के हित का बलिदान कर दिया गया। ट्रंप जो कहते हैं, वही मान लिया गया। हम इसी पर सवाल पूछना चाहते थे, चाहे विदेश नीति हो, ट्रंप की बात हो, सामाजिक न्याय की बात हो या बेरोजगारी की बात हो। एक के बाद एक सभी सांसद तैयार थे कि हम इन मुद्दों को उठाएंगे, लेकिन लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि हम विपक्षी दल एकजुट हैं। राहुल गांधी को बोलने का अवसर दिया जाए, तो हम तभी सदन में हिस्सा लेंगे, लेकिन उन्होंने राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया। हम हंगामा नहीं कर रहे थे। सरकार की मंशा साफ है कि दोनों सदनों में विपक्ष के नेताओं को बोलने नहीं दिया जाए।

खड़गे ने कहा कि हमारे बड़े-बड़े नेता जिन्होंने इस देश के लिए कुर्बानियां दीं, जिन्होंने इस देश के लिए लड़ाई लड़ी, जेलों में गए और अंग्रेजों के खिलाफ लड़कर देश को आजादी दिलाई – उन नेताओं के खिलाफ एक व्यक्ति सदन में खड़ा होकर बोलता है। उसे माइक दिया जाता है, वह माइक पर मनमानी गालियां देता है और सरकार वाले चुप्पी साध लेते हैं। क्या भाजपा वालों ने कभी इसकी निंदा की है? इसलिए विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने यह तय किया कि अगर हमें बोलने नहीं दिया जाएगा तो हमें वॉकआउट करना चाहिए, विरोध करना चाहिए। खासकर हमारे नेताओं के साथ जो अपमान किया गया है, उसकी भी हम निंदा करते हैं। इसी कारण हम वॉकआउट कर गए।

उन्होंने कहा कि 4 दिन से लोकसभा नहीं चल रही, क्योंकि लोकसभा में नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा। दोनों सदन के मिलने से ही संसद बनता है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही संसद के स्तंभ हैं, लेकिन सरकार अपनी गलतियों को छिपाने के लिए एक सदन को चलने नहीं दे रही है। जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बोलते हैं तो उन्हें बोलने नहीं दिया जाता। ये देश और लोकतंत्र के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है।

--आईएएनएस

 

 

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