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Chhattisgarh Budget Session : भूपेश बघेल ने कवर्धा और कांकेर मामलों पर सरकार पर कसा तंज, कहा- 'फर्जी केस और अस्वाभाविक मौत'

बजट सत्र में जेलों में 66 मौतों का मुद्दा गरमाया
भूपेश बघेल ने कवर्धा और कांकेर मामलों पर सरकार पर कसा तंज, कहा- 'फर्जी केस और अस्वाभाविक मौत'

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का गुरुवार को चौथा दिन रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही प्रश्नकाल के दौरान अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सदन में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

प्रश्नकाल की शुरुआत में सदन में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की जेलों में कस्टोडियल डेथ का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि 31 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक राज्य की केंद्रीय और जिला जेलों में कितनी अस्वाभाविक मौतें हुई हैं। इस पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जवाब देते हुए बताया कि इस अवधि में कुल 66 बंदियों की मौत हुई है।

उपमुख्यमंत्री ने सदन को जानकारी दी कि इनमें से 18 मामलों की न्यायिक मजिस्ट्रेट जांच पूरी हो चुकी है, जबकि 48 मामलों में जांच अभी प्रक्रियाधीन है। इस पर पूर्व सीएम बघेल ने मृतकों के नामों और प्रत्येक मामले के विस्तृत ब्यौरे की मांग की, जिसके जवाब में विजय शर्मा ने कहा कि सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी।

भूपेश बघेल ने कवर्धा के पंकज साहू और कांकेर के जीवन ठाकुर के मामलों का विशेष उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि जीवन ठाकुर को फर्जी केस में फंसाया गया। उन्होंने कहा कि जांच की मांग की गई थी, ऐसे में जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया, यह स्पष्ट किया जाए। इस पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि संबंधित व्यक्ति की गिरफ्तारी तथ्यों के आधार पर की गई थी।

उन्होंने बताया कि जीवन ठाकुर को 12 अक्टूबर 2025 को कांकेर जेल लाया गया था और 13 से 17 अक्टूबर तक वह अस्पताल में भर्ती रहे, जहां परिजन भी उनसे मिले थे।

सदन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और मंत्री गुरु खुशवंत साहेब भी सदस्यों के सवालों के जवाब देंगे। बजट सत्र के दौरान जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है।

वहीं, तीसरे दिन बुधवार को भी सदन में हंगामा देखने को मिला था। विपक्ष लगातार सदन में सरकार के खिलाफ हंगामा कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार सदन में सही जानकारी नहीं दे रही है और जनता को गुमराह कर रही है।

--आईएएनएस