रांची, 27 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रांची स्थित क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय के एक वरिष्ठ लेखा अधिकारी और दो सहायक लेखा अधिकारियों को एक सहकर्मी से 48,000 रुप से अधिक की रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि तीनों ने एक कांस्टेबल से उसके यूनिट के सहकर्मियों के विभिन्न भत्तों के बिलों का भुगतान जारी करने के लिए रिश्वत की मांग की थी।
सीबीआई के बयान में गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान वरिष्ठ लेखा अधिकारी संतोष कुमार महतो और सहायक लेखा अधिकारी सुनील कुमार और सुजीत कुमार सिंह के रूप में की गई है।
आरोपियों को शुक्रवार को सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा।
सीबीआई ने बुधवार को तीनों आरोपी लोक सेवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
आरोप है कि आरोपी अधिकारियों ने शिकायतकर्ता (सीआईएसएफ, एनटीपीसी, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश के हेड कांस्टेबल) से उनकी यूनिट के विभिन्न अधिकारियों के यात्रा भत्ता (टीए) और बाल शिक्षा भत्ता सहित कई बिलों के भुगतान और प्रक्रिया के लिए रिश्वत की मांग की थी।
सीबीआई ने बताया कि गुरुवार को रांची स्थित गृह मंत्रालय के सीआईएसएफ के क्षेत्रीय वेतन एवं लेखा कार्यालय में जाल बिछाया गया।
जाल बिछाने के दौरान, तीनों आरोपी अधिकारियों को शिकायतकर्ता से 48,400 रुपए की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। सीबीआई ने जाल बिछाने के दौरान रिश्वत के रूप में 48,400 रुपए बरामद किए।
सीबीआई रांची और धनबाद में आरोपियों से संबंधित पांच स्थानों पर तलाशी ले रही है। तलाशी के दौरान, सीबीआई ने आपत्तिजनक दस्तावेज और नकदी जब्त की।
एक अधिकारी ने बताया कि एक अलग मामले में, सीबीआई ने ओडिशा में एक फरार पूर्व डाक अधिकारी को गिरफ्तार किया है, जो डाकघर में जमा किए गए 13.98 लाख रुपए के घोटाले में शामिल है।
सीबीआई ने एक बयान में कहा कि ओडिशा के बोंडा डाकघर की तत्कालीन शाखा पोस्ट मास्टर शब्दा स्वैन को 2015 के डाकघर बचत धोखाधड़ी मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में बरगढ़ में हिरासत में लिया गया है।
--आईएएनएस
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