रांची, 3 सितंबर (आईएएनएस)। चतरा शहर के प्रस्तावित बाईपास के निर्माण के लिए चिह्नित 13,681 पूर्ण विकसित पेड़ों की कटाई पर झारखंड हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पूर्ण विकसित पेड़ों की कटाई से पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान होगा।
कोर्ट ने सड़क के एलाइनमेंट में बदलाव कर पेड़ों को बचाने की संभावना पर भी फिर से विचार करने की छूट संबंधित एजेंसियों को दी है।
न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने गुरुवार को सुरेश साव की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि हजारीबाग एनएच डिवीजन के कार्यपालक अभियंता की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा एलाइनमेंट में वन क्षेत्र समेत कुल 13,681 पेड़ काटने पड़ेंगे। ये सभी पूर्ण विकसित पेड़ हैं। इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई पर अदालत ने गंभीर चिंता जताई।
कोर्ट ने कहा कि पूर्ण विकसित पेड़ों को काटने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई केवल नए पौधे लगाने से नहीं की जा सकती। इसी के मद्देनजर अदालत ने फिलहाल इन पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट ने मामले में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भी प्रतिवादी बनाने का निर्देश दिया है। दोनों मंत्रालयों को छह सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करना होगा।
केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजीआई) प्रशांत पल्लव ने अदालत का नोटिस स्वीकार किया। अदालत ने संबंधित एजेंसियों को बाईपास के मौजूदा एलाइनमेंट की समीक्षा करने और जरूरत पड़ने पर री-एलाइनमेंट की संभावना पर विचार करने की स्वतंत्रता भी दी है। इसका मकसद यह देखना है कि सड़क निर्माण की जरूरत पूरी करते हुए अधिक से अधिक पूर्ण विकसित पेड़ों को बचाया जा सकता है या नहीं।
प्रस्तावित बाईपास चतरा शहर को एनएच-99 (नया एनएच-22) और एनएच-100 (नया एनएच-522) से जोड़ने के लिए बनाया जाना है। याचिकाकर्ता ने मौजूदा एलाइनमेंट में बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि मार्ग में बदलाव करने से उनकी जमीन पर मौजूद करीब 300 पूर्ण विकसित पेड़ों को बचाया जा सकता है। इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा था।
अधिकारियों से यह बताने को कहा गया था कि मौजूदा एलाइनमेंट में कितने पेड़ों की कटाई होगी और क्या मार्ग में बदलाव कर पेड़ों को बचाने की संभावना है। तब तक संबंधित क्षेत्र में सड़क निर्माण पर अंतरिम रोक भी लगाई गई थी।
अब सरकार की रिपोर्ट में 13,681 पूर्ण विकसित पेड़ों की कटाई की बात सामने आने के बाद अदालत ने कटाई पर रोक को आगे जारी रखा है। केंद्रीय मंत्रालयों के जवाब और एलाइनमेंट की समीक्षा के बाद मामले में आगे फैसला होगा।
--आईएएनएस
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