बेंगलुरु, 13 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार को प्रस्तावित 'बिदादी टाउनशिप परियोजना' के खिलाफ चल रहे आंदोलन को दबाने के लिए कानून प्रवर्तन के 'दुरुपयोग' के खिलाफ कर्नाटक सरकार और पुलिस को चेतावनी दी। बिदादी तालुक के मंडलाहल्ली गांव में भूमि सर्वेक्षण के प्रयास के दौरान सरकारी अधिकारियों को किसानों और महिला प्रदर्शनकारियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा।
यह घटना तब घटी जब अधिकारी प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के प्रारंभिक चरण, संयुक्त माप सर्वेक्षण (जेएमसी) करने पहुंचे। टाउनशिप परियोजना का लगभग 500 दिनों से विरोध कर रहे किसानों ने सर्वेक्षण की अनुमति देने से इनकार कर दिया और आरोप लगाया कि सरकार ने निरंतर विरोध के बावजूद अचानक यह प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जैसे ही अधिकारियों ने सर्वेक्षण शुरू करने का प्रयास किया, बड़ी संख्या में किसानों ने उनके वाहन को घेर लिया और काम रोक दिया। झाड़ू लिए महिला प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया, वाहन पर प्रहार किया, और कथित तौर पर झाड़ू से उन पर हमला करने का प्रयास किया, जिससे सर्वेक्षण दल को भारी विरोध के बीच पीछे हटना पड़ा।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का 'अदृश्य हाथ' इस घटनाक्रम के पीछे है और किसानों, महिलाओं और माताओं से हिंसा का सहारा लिए बिना शांतिपूर्ण ढंग से अपना आंदोलन जारी रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पिछले 500 दिनों से किसान बिदादी टाउनशिप परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और अचानक सरकारी अधिकारी भूमि सर्वेक्षण करने के लिए पहुंचे, जिससे एक अप्रिय घटना घटित हुई।
उन्होंने आगे कहा कि उनका मानना है कि इसके पीछे राज्य सरकार का अदृश्य हाथ है और उन्होंने महिलाओं, किसानों और माताओं से किसी भी परिस्थिति में किसी भी अप्रिय घटना को न होने देने की अपील की और उनसे शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध जारी रखने और कानूनी लड़ाई लड़ने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री ने प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता का आश्वासन देते हुए कहा कि वे और कई अन्य लोग हर संभव सहायता देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने सरकार पर किसानों को डराने-धमकाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और पुलिसकर्मियों को राजनीतिक दबाव के आगे न झुकने की चेतावनी दी।