नई दिल्ली, 12 सितंबर (आईएएनएस)। वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे।
केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
वियतनाम के प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत और वियतनाम के बीच एक 'बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी' है। यह साझेदारी दोस्ती और सहयोग के पुराने रिश्तों पर टिकी है, जो रक्षा और सुरक्षा, फिनटेक, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य उभरते क्षेत्रों तक फैली हुई है। दोनों बहुपक्षीय सहयोग पर मिलकर काम करना जारी रखे हुए हैं।"
भारत शनिवार और रविवार (12-13 सितंबर) को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इसमें ब्रिक्स के सदस्य और सहयोगी देशों के नेताओं के साथ-साथ विशेष रूप से आमंत्रित अतिथि भी शामिल हो रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय है: 'लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण'। यह विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "मानवता सर्वोपरि" की भावना पर आधारित और जन केंद्रित है।
पिछले महीने, वियतनाम की अपनी यात्रा के दौरान, विदेश राज्य मंत्री (एमओएस) पवित्र मार्गेरिटा ने प्रधानमंत्री हंग से मुलाकात की। उन्होंने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने और उच्च-स्तरीय प्रतिबद्धताओं को ठोस नतीजों में बदलने के लिए उनके मार्गदर्शन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।
बैठक के दौरान, मार्गेरिटा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं। साथ ही, उन्होंने वियतनाम के राष्ट्रपति 'तो लाम' की भारत की सफल यात्रा को याद किया, जिसके दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को 'बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया गया था।
इससे पहले मई में, नई दिल्ली में राष्ट्रपति 'तो लाम' के साथ बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की थी कि भारत और वियतनाम के संबंधों को 'बेहतर व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ा दिया गया है।
नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में बातचीत के बाद वियतनाम के राष्ट्रपति के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने वियतनाम को भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' और 'महासागर' विजन का एक "प्रमुख स्तंभ" बताया। राष्ट्रपति तो लाम ने भारत की तरक्की की तारीफ करते हुए उसे "दुनिया में विकास और इनोवेशन का केंद्र" बताया और कहा कि भारत और वियतनाम अपने द्विपक्षीय संबंधों को बहुत अहमियत देते हैं।
--आईएएनएस
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