अहमदाबाद, 10 सितंबर (आईएएनएस)। भारत में आयोजित होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की टिप्पणी पर भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कांग्रेस पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स का विरोध करना देशहित से जुड़े महत्वपूर्ण प्रयास का विरोध करने जैसा है। मोदी सरकार का विरोध करते-करते कांग्रेस उन मुद्दों का भी विरोध करने लगी है, जिससे देश के हित जुड़े हैं।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में रोहन गुप्ता ने चिदंबरम की टिप्पणी पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को ही स्पष्ट करना चाहिए कि वह कहना क्या चाहते हैं। पूर्व वित्त मंत्री होने के बावजूद यदि कोई ब्रिक्स जैसे महत्वपूर्ण मंच का विरोध करता है तो इसके पीछे की सोच कांग्रेस नेतृत्व को स्पष्ट करनी चाहिए।
भारत में ब्रिक्स सम्मेलन आयोजित होने को गुप्ता ने देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि भारत की कूटनीतिक स्वायत्तता और स्वतंत्र विदेश नीति के लिहाज से ब्रिक्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। ब्रिक्स भारत के लिए नए बाजारों तक पहुंच बनाने और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने का माध्यम है। विभिन्न देशों के साथ भारत के संबंध और सहयोग जितना बढ़ेगा, देश की आर्थिक और कूटनीतिक आत्मनिर्भरता उतनी मजबूत होगी। ब्रिक्स सम्मेलन से भारत को कूटनीतिक, सामरिक, आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के साथ-साथ आंतरिक सुरक्षा के स्तर पर भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की ओर से निकाली जा रही 'सनातन स्वाभिमान यात्रा' पर भी रोहन गुप्ता ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए इससे बड़ी उपलब्धि क्या होगी कि जो लोग पहले हिंदू राष्ट्रवाद के मुद्दे पर सवाल उठाते थे, वे अब सनातन की बात कर रहे हैं। गुप्ता ने इसे 'देर आए, दुरुस्त आए' बताते हुए कांग्रेस से आत्ममंथन करने को कहा।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस की यह पहल वास्तविक आस्था और भावनाओं से जुड़ी है तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन यदि सनातन को केवल चुनावी राजनीति के लिए इस्तेमाल किया जाएगा तो जनता उसका समर्थन नहीं करेगी।
तेलंगाना में किसानों और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी गुप्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों की आवाज उठाने की बात करती है, लेकिन जिन राज्यों में उसकी सरकारें हैं, वहां छात्रों की मांगों और प्रदर्शनों पर उसे जवाब देना चाहिए। तेलंगाना और झारखंड का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि पार्टी छात्रों के अधिकारों को लेकर गंभीर है तो उसे अपने शासन वाले राज्यों में भी उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता छात्रों के नाम पर राजनीति करने के बजाय पहले अपने राज्यों में छात्रों की शिकायतें सुनें और यदि उनके साथ अन्याय हुआ है तो जवाब दें। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस मुद्दे पर माफी मांगने की मांग भी की।
बातचीत के दौरान रोहन गुप्ता ने राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा की मजबूत स्थिति का दावा किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता से उन्हें काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और लोगों ने भाजपा के प्रति समर्थन जताया। गुप्ता ने दावा किया कि कांग्रेस चुनावी मैदान में आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही है। कांग्रेस के भीतर पहले दो गुट थे, जो अब चार धड़ों में बंट गए हैं और नेता एक-दूसरे को चुनाव में नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस के पास स्पष्ट चुनावी रोडमैप और जनता के सामने रखने के लिए ठोस मुद्दों की कमी रही। राजस्थान की जनता कांग्रेस की आंतरिक कलह को देख रही है और इसका असर चुनाव परिणाम में दिखाई देगा।
उन्होंने अपने चुनावी नारे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने राजस्थान में 'कांग्रेस मतलब कलह और भाजपा मतलब भाईचारा' का संदेश दिया था और दावा किया कि चुनावी मैदान में कांग्रेस की स्थिति ने इसे साबित किया है। भाजपा नेता ने राजस्थान निकाय चुनाव में एकतरफा जीत की उम्मीद जताई।
--आईएएनएस
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