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संबित पात्रा का राहुल गांधी पर निशाना, कांग्रेस को अपना इतिहास पढ़ने की दी नसीहत

संबित पात्रा का राहुल गांधी पर निशाना, कांग्रेस को अपना इतिहास पढ़ने की नसीहत
संबित

पुरी, 18 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पोस्ट पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने खुद दर्जनों पार्टियों को तोड़ा और सरकारें गिराईं। भाजपा नेता ने कांग्रेस को अपना इतिहास पढ़ने की नसीहत दी।

भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा, "आज राहुल गांधी ने भाजपा पर शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी को तोड़ने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी न्यायिक प्रणाली का भी सम्मान नहीं करते हैं। यह एक जजमेंट है। इसमें भी कोई शक नहीं है कि जो दिमागी नक्सल होते हैं, वो किसी भी तरह से भारतीय न्यायपालिका का सम्मान नहीं करते हैं। राहुल गांधी अपनी ही पार्टी के इतिहास से अनभिज्ञ हैं। इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि कांग्रेस पार्टी ने किस तरह से गैर-कानूनी तरीके से दर्जनों पार्टियों को तोड़ा, सरकार गिराई, ताकि कांग्रेस की राजनीतिक महत्वाकांक्षा बनी रहे। उसका भी रिकॉर्ड है।"

संबित पात्रा ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और एनसीपी, ये दोनों पार्टियां कांग्रेस से ही निकली हैं। कहीं न कहीं कांग्रेस पार्टी के अंदर इनके नेताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया तो उनसे अलग होकर एनसीपी और टीएमसी बनी। कांग्रेस ने 1963 के दशक में स्वतंत्र पार्टी, अशोक मेहता और प्रजा सोशलिस्ट पार्टी (ईएसपी) में विभाजन करने का काम किया था। 1969 में किस प्रकार से बड़े नेताओं को दरकिनार करके कांग्रेस खुद ही टूट गई थी। इसके बाद इंदिरा गांधी ने कांग्रेस इंदिरा आरंभ किया था, जिसे कांग्रेस आई कहते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जो मूल कांग्रेस थी, वो आज की कांग्रेस नहीं है। आज की कांग्रेस गांधी परिवार की कांग्रेस आई है।

भाजपा नेता ने कहा कि 1979 में जनता पार्टी का विघटन हुआ। मोरारजी देसाई को हटाने के लिए चरण सिंह के गुट को समर्थन का वादा करना और बाद में समर्थन न करना यह भी इतिहास में दर्ज है। हरियाणा में जनता पार्टी और लोकदल का विलय और आंध्र प्रदेश में टीडीपी के साथ 1984 में जब एनटी रामाराव अमेरिका गए थे, उस समय भास्कर राव का प्रयोग करके किस प्रकार उनकी पार्टी को तोड़ने की चेष्टा की गई, ये भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं।

उन्होंने कहा कि एनटी रामाराव की वजह से पार्टी में टूट नहीं पड़ी। नेशनल कॉन्फ्रेंस का विभाजन कांग्रेस ने 1984 में किया। 12 विधायकों को फारुख अब्दुल्ला की पार्टी से अलग किया। उसी तरह से 1990 में जनता दल में टूट और चंद्रशेखर सरकार भारतीय इतिहास में एक बहुत बड़ा प्रकरण है। चंद्रशेखर सरकार को समर्थन देने का वादा राजीव गांधी ने किया था। झूठे आरोपों के आधार पर समर्थन वापस लिया गया और सरकार गिर गई।

भाजपा सांसद ने कहा कि आज कांग्रेस संविधान का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रही है, न्यायपालिका को भी नहीं मान रही है। कांग्रेस पार्टी को अपने ही इतिहास को बहुत ध्यान से पढ़ना चाहिए। अगर उनके पास पढ़ने की शक्ति नहीं है तो भाजपा ने जिन विषयों को रखा है, उन्हें देखना चाहिए और न्यायपालिका का सम्मान करते हुए लोगों से माफी मांगनी चाहिए।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी