बिहार में वित्त रहित विद्यालय-महाविद्यालयों के शिक्षकों-कर्मियों के लिए 461 करोड़ रुपये का सहायक अनुदान जारी

बिहार सरकार का शिक्षक-कर्मचारियों के लिए 461 करोड़ रुपये का अनुदान
बिहार

पटना, 19 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के वित्त रहित विद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के लिए राज्य सरकार ने 461 करोड़ रुपये का सहायक अनुदान जारी किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स के माध्यम से इसकी जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के भुगतान के लिए अनुदानित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को कुल 461 करोड़ रुपये का सहायक अनुदान निर्गत किया गया है। उन्होंने इसे वित्त रहित शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता बताया। सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य संबंधित शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों के भुगतान से जुड़ी जरूरतों को पूरा करना है। इससे अनुदानित विद्यालयों और महाविद्यालयों के संचालन तथा वहां कार्यरत कर्मियों को मिलने वाले भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि शिक्षकों, कर्मियों और शिक्षण संस्थानों के हित में सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र को राज्य के भविष्य से जोड़ते हुए “उन्नत शिक्षा, उज्ज्वल भविष्य” का संदेश दिया।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस के अवसर पर वित्त रहित शिक्षकों के लिए अलग वेतनमान की व्यवस्था किए जाने की घोषणा भी की थी। इस घोषणा के बाद वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों से जुड़े संगठनों की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई थी। राज्य सरकार की ओर से जारी 461 करोड़ रुपये के सहायक अनुदान को इसी व्यापक व्यवस्था के तहत शिक्षकों और कर्मियों के भुगतान से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, मुख्यमंत्री की शनिवार की घोषणा में राशि के संस्थानवार वितरण या भुगतान की विस्तृत समय-सीमा की जानकारी नहीं दी गई है। शिक्षा विभाग की ओर से हाल के दिनों में विभिन्न अनुदानित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के वेतन और बकाया भुगतान के लिए भी राशि जारी की गई है। इस कदम से वित्त रहित विद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मियों को आर्थिक भुगतान से जुड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

--आईएएनएस

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