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बिहार: गरीब चौपाल यात्रा के जरिए ‘हम’ अपना राजनीतिक कद बढ़ाने में जुटा, मांझी-सुमन ने अधिकार और हिस्सेदारी की हुंकार भरी

बिहार

मोतिहारी, 30 अगस्त (आईएएनएस)। हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्‍युलर) यानी 'हम' गरीब, वंचित और महादलित समाज के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने और संगठन का विस्तार करने के लिए ‘गरीब चौपाल यात्रा’ के जरिए अभियान को धार देने में जुटा है। इसी क्रम में रविवार को मोतिहारी के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में हजारों की संख्या में गरीब, वंचित और महादलित समाज के लोग जुटे।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री संतोष कुमार सुमन ने अधिकार, सम्मान और राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।

मांझी ने कहा कि गरीब, वंचित और शोषित समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकजुटता है। संगठन के माध्यम से समाज को अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। उन्होंने कहा कि आजादी के करीब 80 साल बाद भी समाज के बड़े हिस्से को अपने अधिकार और उचित हिस्सेदारी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

मांझी ने अलग निर्वाचन मंडल की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यह मांग लंबे समय से लंबित है और इसे लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने एससी-एसटी आरक्षण में वर्गीकरण को लेकर एक अगस्त 2024 को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब कई राज्यों में आरक्षण के भीतर वर्गीकरण की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, तो बिहार में इसे लागू करने में परेशानी क्यों होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई उन 18 महादलित जातियों और अन्य वंचित वर्गों के लिए है, जिन्हें आरक्षण का अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका है। आरक्षण में वर्गीकरण के जरिए इन समुदायों को उचित हिस्सेदारी मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा गरीबों की आवाज बनने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि गरीब समाज के बच्चों को अच्छी शिक्षा, रोजगार और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अधिकार है। लोकतंत्र में गरीब समाज से विधायक और जनप्रतिनिधि बनने का अधिकार भी उतना ही है।

उन्होंने ‘जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी हिस्सेदारी’ के सिद्धांत के आधार पर राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। सुमन ने कहा, “कोटे में कोटा हमारा अधिकार है। हम किसी की धमकी से डरने वाले नहीं हैं।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी का अधिकार छीनने के लिए नहीं, बल्कि आरक्षण के लाभ से वंचित लोगों को उनका उचित हिस्सा दिलाने के लिए है। उन्होंने कहा कि गरीब समाज को अपनी संख्या को राजनीतिक ताकत में बदलना होगा और केवल वोट देने तक सीमित रहने के बजाय सत्ता और शासन में अपनी हिस्सेदारी के लिए संगठित होना होगा। पार्टी गांव-टोले तक जाकर लोगों की समस्याओं को सुनेगी और आवेदन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएगी।

सुमन ने चंपारण की धरती को गरीबों की राजनीतिक एकता की नई आवाज का केंद्र बताते हुए कहा कि गरीबों का समय आने वाला है।

कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, प्रधान महासचिव राजेश पाण्डेय, मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण, विधायक रोमित कुमार सिंह, विधायक प्रफुल्ल मांझी और महादलित आयोग के सदस्य मुकेश मांझी समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

--आईएएनएस

एमएनपी/एएसएच