Bihar Government : बिहार में अब 'डबल लेन' की होंगी ग्रामीण सड़कें: अशोक चौधरी

सात निश्चय-3 योजना के तहत बिहार की ग्रामीण सड़कों को चरणबद्ध तरीके से डबल लेन किया जाएगा
बिहार में अब 'डबल लेन' की होंगी ग्रामीण सड़कें: अशोक चौधरी

पटना: बिहार की एनडीए सरकार सड़कों को लेकर लगातार सजग रही है। इस बीच सरकार ने बिहार की ग्रामीण सड़कों को और बेहतर बनाने के लिए इन्हें डबल लेन में करने का निर्णय लिया है।

बिहार के ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि सात निश्चय-3 योजना के तहत राज्य की ग्रामीण सड़कों को चरणबद्ध तरीके से दो लेन में किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे गांवों की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी और विकास को नई गति मिलेगी। इसके अलावा, लोगों को भी सहूलियत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सात निश्चय-3 के तहत उन सड़कों को चिन्हित किया जा रहा है जो प्रखंड, अनुमंडल और जिला मुख्यालयों को राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ती हैं। इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दो लेन में बदला जाएगा।

चौधरी ने बताया कि पिछले 20 वर्षों में बिहार ने ग्रामीण सड़क निर्माण में नया कीर्तिमान बनाया है। पिछले 20 सालों में बिहार की एक लाख 20 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण इस विभाग द्वारा किया गया है। इसे हमेशा व्यवस्थित रखने के लिए सात साल की मेंटेनेंस पॉलिसी को भी शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण और प्रबंधन कार्यक्रम के तहत 18,166 सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिनकी कुल लंबाई करीब 30,965 किलोमीटर है। सड़कों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना शुरू की गई है।

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31,604 बसावटों के लिए 43,431 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा गया, जिसमें 25,062 बसावटों में 34,414 किलोमीटर सड़कों का निर्माण हो चुका है। वहीं, शेष लक्षित बसावटों में भी सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

उन्‍होंने कहा कि ग्रामीण टोला सम्पर्क निश्चय योजना के तहत वर्ष 2016-17 से अनजुड़े ग्रामीण टोलों को बारहमासी सड़कों से जोड़ा जा रहा है। अब तक 4,643 टोलों को जोड़ने के लक्ष्य के साथ 3,977 किलोमीटर सड़कों का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है। यह योजना गांवों तक विकास और सुगम आवागमन सुनिश्चित कर रही है।

--आईएएनएस

 

 

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